क्राइममध्य प्रदेश

स्कूलों के व्हाट्सएप ग्रुप बने खतरे का जाल! महिलाओं और छात्राओं के नंबरों का दुरुपयोग, गाडरवारा में बढ़ रही सोशल मीडिया शरारतें

गाडरवारा क्षेत्र में स्कूलों के व्हाट्सएप ग्रुप से छात्राओं के नंबर निकालकर कॉल और चैट करने की घटनाएँ बढ़ीं, अभिभावकों में बढ़ी चिंता।

संवाददाता अवधेश चौकसे

सालीचौका/ गाडरवारा।
गाडरवारा विधानसभा क्षेत्र में इन दिनों सोशल मीडिया का शर्मनाक दुरुपयोग तेजी से बढ़ता जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, कुछ युवक स्कूलों में विद्यार्थियों की सूचना के लिए बनाए गए व्हाट्सएप ग्रुपों से नंबर निकालकर महिलाओं और स्कूली छात्राओं को कॉल व चैट कर रहे हैं, जिससे अभिभावकों में आक्रोश फैल गया है।

शरारती तत्व स्कूल ग्रुपों से निकाल रहे नंबर

जानकारी के अनुसार, कई स्कूलों में कक्षा-वार विद्यार्थियों के लिए बनाए गए व्हाट्सएप ग्रुपों में पालकों, शिक्षकों और छात्रों को जोड़ा जाता है।
इन्हीं ग्रुपों से कुछ शरारती युवक — जो स्थानीय दुकानों, गैराज या शोरूम में काम करते हैं (उम्र 20 से 25 वर्ष के बीच) — नंबर निकालकर अभद्र संदेश, इंस्टाग्राम चैट और फेसबुक रिक्वेस्ट भेज रहे हैं।

डीपी देखकर करते हैं कॉल और चैट

सूत्र बताते हैं कि यह लोग महिलाओं और लड़कियों की डीपी देखकर पहचान बनाते हैं, फिर नंबर सेव कर अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर बातचीत शुरू करते हैं।
कई मामलों में यह लोग 10वीं और 12वीं की छात्राओं को कॉल कर परेशान करते हैं, यहाँ तक कि कुछ मामलों में ब्लैकमेलिंग जैसी हरकतें भी सामने आ रही हैं।

अभिभावकों में बढ़ी चिंता

कई अभिभावकों ने बताया कि

“हमारे घर के नंबर सिर्फ स्कूल ग्रुप में हैं, लेकिन अब अंजान लोगों के कॉल और चैट आने लगे हैं। लगता है कि नंबर वहीं से लीक हुए हैं।”

इससे अभिभावक अब स्कूल प्रशासन से सख्त कदम उठाने की मांग कर रहे हैं।

प्रशासन और स्कूलों को लेना होगा संज्ञान

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि
स्कूलों को चाहिए कि बिना सत्यापन के किसी भी नंबर को व्हाट्सएप ग्रुप में न जोड़ें, और यदि जोड़ा भी जाए तो पालक से अनुमति लेकर ही
साथ ही ऐसे मामलों में राजस्व विभाग, शिक्षा विभाग और पुलिस को भी सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए ताकि बच्चियों और परिवारों की निजता की रक्षा हो सके।

सुझाव

  • अभिभावक अपने बच्चों के स्कूल ग्रुपों पर नज़र रखें।
  • नंबरों की सुरक्षा सेटिंग्स को मजबूत करें।
  • किसी भी अंजान व्यक्ति के कॉल या चैट का जवाब न दें।
  • संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तत्काल पुलिस को दें।

 

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