ऑनलाइन फ्रॉड से टूटा इंजीनियरिंग छात्र, छोड़ा सुसाइड नोट — 6 दिन बाद काशी से सकुशल मिला
ऑनलाइन फ्रॉड से परेशान जबलपुर इंजीनियरिंग छात्र ने छोड़ा सुसाइड नोट, 6 दिन बाद काशी से पुलिस ने सकुशल बरामद किया।

Jabalpur News: जबलपुर गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज का 18 वर्षीय छात्र विजय सिंह सैयाम, जो बीते 6 दिनों से लापता था, को पुलिस ने वाराणसी (काशी) से सकुशल बरामद कर लिया है।
छात्र के हॉस्टल से सुसाइड नोट मिलने के बाद परिवार और कॉलेज में हड़कंप मच गया था। उसमें उसने लिखा था — “मम्मा-पापा माफ कर देना, अब नहीं जी पाऊंगा…”
ऑनलाइन मोबाइल खरीद में हुआ था फ्रॉड
उमरिया जिले का रहने वाला विजय, जबलपुर के गोकलपुर हॉस्टल में रहकर बीई फर्स्ट ईयर की पढ़ाई कर रहा था।
विजय ने फेसबुक पर एक मोबाइल का विज्ञापन देखा और लिंक पर क्लिक कर ₹29,835 ऑनलाइन पेमेंट कर दिया।
लेकिन जब मोबाइल नहीं आया, तो उसे एहसास हुआ कि वह साइबर फ्रॉड का शिकार हो गया है।
आर्थिक नुकसान और ग्लानि से टूटे विजय ने आत्महत्या का विचार किया और हॉस्टल में सुसाइड नोट छोड़ गया।
सुसाइड नोट में लिखा — “मम्मा-पापा माफ कर देना”
विजय ने सुसाइड नोट में लिखा —
“मम्मा-पापा माफ कर देना, अब नहीं जी पाऊंगा। मुझे ढूंढने की कोशिश मत करना। मेरे साथ फोन वाला स्कैम हुआ है, पुलिस में शिकायत कर देना।”
12 अक्टूबर की शाम वह हॉस्टल से निकल गया था।
16 अक्टूबर को पिता को किया फोन, काशी से मिला सकुशल
16 अक्टूबर को विजय ने अपने पिता ढाल सिंह को फोन कर बताया कि वह काशी घाट पर है।
सूचना मिलते ही रांझी सीएसपी सतीष साहू ने यूपी पुलिस से संपर्क कर तत्काल कार्रवाई की।
संयुक्त टीम ने विजय को सकुशल बरामद किया और उसे जबलपुर लाकर परिजनों को सौंप दिया।
सीएसपी बोले — अब छात्र सुरक्षित है
सीएसपी सतीष साहू ने बताया कि
“सुसाइड नोट मिलने के बाद पुलिस लगातार उसकी तलाश कर रही थी। अब छात्र सुरक्षित है और परिवार के पास है।”
साइबर फ्रॉड से सीख — सतर्क रहें
यह घटना एक कड़वा सबक है कि ऑनलाइन खरीदारी करते समय हमेशा विश्वसनीय वेबसाइट या अधिकृत विक्रेता से ही लेन-देन करें।
संदिग्ध लिंक या कॉल से सावधान रहें — क्योंकि एक गलत क्लिक, जिंदगी को झकझोर सकता है।







