मध्य प्रदेशराजनीति

शिवपुरी: बगीचा सरकार में 22 पार्षदों ने खाई कसम, नपाध्यक्ष को हटाने पर अड़े – अब कोढ़ के डर से परेशान

शिवपुरी नगर पालिका में अध्यक्ष पर संकट गहराया। 39 में से 22 पार्षदों ने करैरा के बगीचा सरकार मंदिर में जाकर अध्यक्ष को हटाने की कसम खाई। अब कोढ़ के डर से पार्षद सहमे, जबकि भाजपा ने अध्यक्ष को बचाने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है।

शिवपुरी। नगर पालिका परिषद शिवपुरी का तीन साल का कार्यकाल पूरा होते ही राजनीति गरमा गई है। यहां 39 में से 22 पार्षद अध्यक्ष के खिलाफ खड़े हो गए हैं। खास बात यह रही कि नाराज पार्षदों ने करैरा कस्बे के प्रसिद्ध बगीचा सरकार हनुमान मंदिर में जाकर कसम खाई है कि वे नपाध्यक्ष को हटाकर ही मानेंगे।

बगीचा सरकार में खाई कसम

मान्यता है कि बगीचा सरकार मंदिर में खाई गई कसम हर हाल में पूरी करनी पड़ती है, वरना व्यक्ति को कोढ़ हो जाता है। यही वजह है कि अब नाराज पार्षद खुद दुविधा में हैं। उनका कहना है – “अध्यक्ष जाए या बचे, लेकिन अब हमें कोढ़ होने से कौन बचाएगा?”

भाजपा ने शुरू की बचाव की कोशिशें

11 जून को 22 पार्षदों ने अध्यक्ष के खिलाफ एकजुट होकर शपथ ली थी। इस बीच भाजपा ने अध्यक्ष को बचाने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, भाजपा जिलाध्यक्ष जसमंत जाटव और प्रभारी मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर लगातार नाराज पार्षदों को मनाने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि अब तक इन प्रयासों का कोई खास नतीजा नहीं निकला।

नगर पालिका की राजनीति में यह घटनाक्रम बड़ा मोड़ साबित हो सकता है। सभी की नजर अब इस बात पर टिकी है कि 22 पार्षद अपनी कसम निभाते हैं या फिर भाजपा की सियासी रणनीति कामयाब होती है।

 

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