करेली के गौरव डॉ. राजकुमार आचार्य बने म.प्र. प्रवेश एवं शुल्क विनियामक समिति के अध्यक्ष
निजी व्यावसायिक शिक्षण संस्थाओं में प्रवेश और शुल्क नियमन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी, शासन ने 16 सितंबर को जारी किया आदेश

संवाददाता पूजा मालवीय
करेली। करेली के लिए गौरव की बात है कि जीवाजी विश्वविद्यालय, ग्वालियर के कुलपति डॉ. राजकुमार आचार्य को मध्य प्रदेश शासन की प्रवेश एवं शुल्क विनियामक समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। निजी व्यावसायिक शिक्षण संस्थाओं में प्रवेश एवं शुल्क के नियमन से जुड़ी इस महत्वपूर्ण समिति का मध्य प्रदेश शासन के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा पुनर्गठन किया गया है।
मध्य प्रदेश शासन के सामान्य प्रशासन विभाग, मंत्रालय, वल्लभ भवन द्वारा इस संबंध में 16 सितंबर 2026 को आधिकारिक आदेश जारी किया गया। आदेश के अनुसार समिति के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी डॉ. राजकुमार आचार्य को सौंपी गई है।
समिति में इन अधिकारियों को किया गया शामिल
शासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार समिति में अध्यक्ष सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है।
- डॉ. राजकुमार आचार्य, कुलपति, जीवाजी विश्वविद्यालय, ग्वालियर — अध्यक्ष
- सचिव/अतिरिक्त सचिव, विधि एवं विधायी कार्य विभाग — सदस्य
- सचिव/अतिरिक्त सचिव, वित्त विभाग अथवा नामांकित अधिकारी — सदस्य
- संचालक, चिकित्सा शिक्षा — सदस्य
- संचालक/अतिरिक्त संचालक, तकनीकी शिक्षा — सदस्य-सचिव
तीन वर्ष का रहेगा कार्यकाल
शासन द्वारा गठित यह समिति मध्य प्रदेश निजी व्यावसायिक शिक्षण संस्था (प्रवेश का विनियमन एवं शुल्क का निर्धारण) अधिनियम, 2007 की कंडिका-04 की उपधारा (1) एवं (2) के प्रावधानों के तहत गठित की गई है।
जारी आदेश के अनुसार समिति का कार्यकाल आदेश जारी होने की तारीख से तीन वर्ष का रहेगा। समिति निजी व्यावसायिक शिक्षण संस्थाओं में प्रवेश प्रक्रिया तथा शुल्क निर्धारण एवं उससे संबंधित नियामकीय दायित्वों के लिए शासन द्वारा निर्धारित प्रावधानों के तहत कार्य करेगी।
करेली क्षेत्र में हर्ष का माहौल
डॉ. राजकुमार आचार्य की इस नियुक्ति की जानकारी सामने आने के बाद करेली एवं आसपास के क्षेत्र में हर्ष का माहौल है। शिक्षा जगत से जुड़े लोगों और क्षेत्रवासियों ने इसे करेली के लिए गौरव का विषय बताया है।
यह आदेश मध्य प्रदेश के राज्यपाल के नाम से सामान्य प्रशासन विभाग के उप सचिव जयेन्द्र कुमार विजयवत के डिजिटल हस्ताक्षर से जारी किया गया है।







