नरसिंहपुर पुलिस ने लौटाई 175 नागरिकों की मुस्कान, ₹40 लाख के गुम मोबाइल किए बरामद
नरसिंहपुर पुलिस ने CEIR पोर्टल की मदद से करीब 40 लाख रुपये मूल्य के 175 गुम मोबाइल बरामद कर उनके मालिकों को लौटाए। पुलिस अधीक्षक डॉ. ऋषिकेश मीना ने साइबर सुरक्षा के प्रति भी लोगों को जागरूक किया।

नरसिंहपुर। नरसिंहपुर पुलिस ने आमजन के खोए हुए मोबाइल फोन तलाशने के अभियान में बड़ी सफलता हासिल करते हुए लगभग ₹40 लाख मूल्य के 175 गुम मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक मालिकों को वापस सौंप दिए। पुलिस अधीक्षक डॉ. ऋषिकेश मीना के निर्देशन में साइबर सेल एवं जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों की संयुक्त कार्रवाई से यह सफलता मिली।
सीईआईआर (CEIR) पोर्टल एवं आधुनिक तकनीकी संसाधनों की सहायता से गुम हुए मोबाइल फोन ट्रेस किए गए। आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद पुलिस अधीक्षक डॉ. ऋषिकेश मीना ने सभी मोबाइल उनके वास्तविक धारकों को विधिवत सुपुर्द किए।
मोबाइल मिलते ही खिल उठे नागरिकों के चेहरे
अपने गुम मोबाइल वापस पाकर नागरिकों ने खुशी जाहिर करते हुए नरसिंहपुर पुलिस का आभार व्यक्त किया। कई लोगों ने कहा कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि उनका मोबाइल दोबारा मिल पाएगा, लेकिन पुलिस की त्वरित कार्रवाई और तकनीकी दक्षता के कारण उनके मोबाइल सुरक्षित वापस मिल गए।
‘सेफ क्लिक-2.0’ अभियान के तहत किया जागरूक
मोबाइल वितरण कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधीक्षक डॉ. ऋषिकेश मीना ने उपस्थित नागरिकों को ‘सेफ क्लिक-2.0’ अभियान के अंतर्गत साइबर सुरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी भी दी।
उन्होंने बताया कि यदि मोबाइल गुम हो जाए या चोरी हो जाए तो तत्काल नजदीकी पुलिस थाने में सूचना दें तथा CEIR पोर्टल के माध्यम से मोबाइल को ब्लॉक कराएं, जिससे उसका दुरुपयोग रोका जा सके।
साइबर ठगी से बचने की दी सलाह
पुलिस ने नागरिकों से अपील की कि—
- किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें।
- OTP, UPI PIN, CVV या बैंक खाते की जानकारी किसी के साथ साझा न करें।
- साइबर धोखाधड़ी होने पर तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन पर कॉल करें।
- राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर तत्काल शिकायत दर्ज कराएं।
इसके साथ ही उपस्थित लोगों को साइबर सुरक्षा की शपथ भी दिलाई गई, ताकि वे स्वयं सुरक्षित रहें और दूसरों को भी जागरूक करें।
साइबर सेल की टीम की रही अहम भूमिका
गुम मोबाइलों की सफल ट्रेसिंग एवं बरामदगी में साइबर सेल की महिला आरक्षक कुमुद पाठक, आरक्षक नीरज डेहरिया, हेमंत वाडिवा एवं भूपेन्द्र नवरेती की सराहनीय भूमिका रही। पुलिस अधीक्षक ने टीम के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए उन्हें बधाई दी।







