माहेश्वरी महिला मंडल ने धूमधाम से मनाया शरद उत्सव, भजनों और श्रीकृष्ण लीलाओं ने मोहा मन
भक्तिमय प्रस्तुतियों के साथ हुआ ओपन गरबा राउंड, चांदनी रात में दूध की प्रसादी ग्रहण कर किया उत्सव का समापन

गाडरवारा। स्थानीय माहेश्वरी महिला मंडल के तत्वावधान में शरद पूर्णिमा के पावन अवसर पर शरद उत्सव का भव्य एवं गरिमामय आयोजन हर्षोल्लास के साथ किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक रूप से दीप प्रज्वलन एवं भगवान श्रीकृष्ण की संगीतमय आरती के साथ हुआ। पूरे आयोजन में भक्ति, संस्कृति और उत्साह का सुंदर संगम देखने को मिला।
समारोह में माहेश्वरी समाज के बच्चों, बेटियों एवं बहुओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और विभिन्न सांस्कृतिक एवं धार्मिक प्रस्तुतियों से उपस्थित जनों का मन मोह लिया। मंच पर प्रस्तुत भक्तिमय भजनों और भगवान श्रीकृष्ण की मनमोहक बाल लीलाओं ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया। कलाकारों की आकर्षक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया और कार्यक्रम स्थल श्रीकृष्ण भक्ति के रंग में रंग गया।
कार्यक्रम का कुशल मंच संचालन पूजा मालपानी एवं शेफाली पलोड़ ने किया। इस दौरान वक्ताओं ने शरद पूर्णिमा के धार्मिक एवं आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह पावन पर्व प्रेम, सौहार्द, उल्लास और सकारात्मक ऊर्जा का संदेश देता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शरद पूर्णिमा की चांदनी को अमृतमयी माना जाता है। वहीं, भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य महारास लीला इस पर्व की विशेष महत्ता को दर्शाती है।
प्रतिभागियों को किया प्रोत्साहित
सांस्कृतिक एवं धार्मिक प्रस्तुतियों के उपरांत माहेश्वरी महिला मंडल की ओर से सभी प्रतिभागियों को प्रोत्साहन पुरस्कार वितरित कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। आयोजन को सफल बनाने में युवा संगठन का भी सराहनीय सहयोग रहा। बच्चों और महिलाओं की उत्साहपूर्ण सहभागिता ने कार्यक्रम को यादगार बना दिया।
ओपन गरबा राउंड में झूमे सदस्य
कार्यक्रम की दूसरी श्रृंखला में ओपन गरबा राउंड आयोजित किया गया। पारंपरिक गरबा धुनों पर समाज के सदस्यों ने उत्साहपूर्वक गरबा खेलते हुए उत्सव का भरपूर आनंद लिया। संगीत, नृत्य और उल्लास से सजे इस आयोजन ने सभी को एक सूत्र में बांध दिया और सामाजिक एकता एवं सांस्कृतिक परंपराओं की सुंदर झलक प्रस्तुत की।
चांदनी रात में ग्रहण की दूध की प्रसादी
शरद उत्सव का समापन शरद पूर्णिमा की चांदनी में रखी गई दूध की प्रसादी ग्रहण करने के साथ हुआ। इस अवसर पर उपस्थित सदस्यों ने पारंपरिक मान्यताओं के अनुरूप अमृतमयी दूध की प्रसादी का आनंद लिया। अंत में आयोजकों ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी सदस्यों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया। भक्ति, संस्कृति और पारिवारिक सौहार्द से परिपूर्ण यह आयोजन सभी के लिए यादगार रहा।







