गाडरवारा में हत्या के आरोपी को उम्रकैद: बैंत से सिर पर किया था हमला, इलाज के दौरान संतोष की मौत
बैंत से सिर पर किया था हमला, इलाज के दौरान हुई थी संतोष की मौत; आरोपी पर ₹5 हजार का अर्थदंड भी

गाडरवारा। ग्राम खुरसुरू में हुए हत्या के मामले में प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश राजेश कुमार तिवारी की न्यायालय ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए आरोपी नेतराम उर्फ कल्लू मेहरा को हत्या का दोषी करार दिया है। न्यायालय ने आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही उस पर 5 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।
विवाद के बाद बैंत से सिर पर किया था हमला
अभियोजन के अनुसार ग्राम खुरसुरू के ग्राम कोटवार भूमेश मेहरा ने थाना करेली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 20 सितंबर 2025 की रात करीब 9 बजे वह टपरिया मोहल्ला खुरसुरू में संतोष के घर गया था। वहां आरोपी नेतराम उर्फ कल्लू मेहरा भी मौजूद था।
इसी दौरान किसी बात को लेकर नेतराम विवाद करने लगा और गाली-गलौज करते हुए भूमेश से मोहल्ले में आने को लेकर सवाल करने लगा। भूमेश ने उसे गाली देने से मना किया। इसी बीच संतोष भी मौके पर पहुंच गया और उसने नेतराम को गाली देने से मना किया।
अभियोजन के मुताबिक इससे नाराज होकर नेतराम उर्फ कल्लू ने हाथ में रखे बैंत से संतोष के सिर पर हमला कर दिया। सिर में गंभीर चोट लगने से संतोष जमीन पर गिर गया।
करेली से जबलपुर किया गया था रेफर
घटना के बाद घायल संतोष को उपचार के लिए शासकीय अस्पताल करेली में भर्ती कराया गया। हालत गंभीर होने पर उसे आगे उपचार के लिए मेडिकल अस्पताल जबलपुर ले जाया गया।
इलाज के दौरान 22 सितंबर 2025 को संतोष की मृत्यु हो गई। इसके बाद पुलिस ने प्रकरण को हत्या के मामले में आगे बढ़ाते हुए आरोपी नेतराम उर्फ कल्लू मेहरा के विरुद्ध कार्रवाई की।
पुलिस ने न्यायालय में पेश किया अभियोग पत्र
थाना करेली पुलिस ने मामले की विवेचना पूरी करने के बाद आरोपी के विरुद्ध अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। प्रकरण की सुनवाई के दौरान अभियोजन द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों और अपर लोक अभियोजक महेन्द्र कुमार त्रिपाठी के तर्कों पर न्यायालय ने विचार किया।
न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्यों और अभियोजन के तर्कों से सहमत होते हुए आरोपी नेतराम उर्फ कल्लू मेहरा को संतोष की हत्या का दोषी पाया और उसे आजीवन कारावास एवं 5 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।
शासन की ओर से हुई प्रभावी पैरवी
इस प्रकरण में शासन की ओर से अपर लोक अभियोजक महेन्द्र कुमार त्रिपाठी ने पैरवी की। न्यायालय के फैसले के बाद हत्या के मामले में आरोपी को आजीवन कारावास की सजा मिलने से प्रकरण का न्यायिक रूप से निराकरण हुआ।







