गुरु पूर्णिमा पखवाड़ा के अंतर्गत शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बघुवार में हुआ प्रेरणादायी कार्यक्रम का आयोजन

संवाददाता पूजा मालवीय
करेली। मध्यप्रदेश शासन के निर्देशानुसार शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बघुवार में गुरु पूर्णिमा पखवाड़ा का गरिमामय आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ सरस्वती वंदना द्वारा हुआ। कार्यक्रम में विद्यालय परिवार एवं विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर गुरु-शिष्य परंपरा के महत्व को रेखांकित किया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने गुरु पूर्णिमा के महत्व पर अपने विचार व्यक्त करते हुए बताया कि गुरु ही जीवन में सही मार्गदर्शन देकर व्यक्ति को सफलता के शिखर तक पहुँचाने का कार्य करते हैं। विद्यार्थियों ने अपने गुरुजनों का सम्मान कर उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।
विद्यालय के प्राचार्य श्री के. एल. चौधरी ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में भारतीय संस्कृति में गुरु के सर्वोच्च स्थान पर प्रकाश डालते हुए एकलव्य के जीवन प्रसंग का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सच्चा शिष्य अपने गुरु के प्रति समर्पण, अनुशासन और निष्ठा के बल पर असंभव को भी संभव बना सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने शिक्षकों के मार्गदर्शन का सदैव सम्मान करने का आह्वान किया।
विद्यालय के शिक्षक श्री श्रीवास्तव ने गुरु की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि गुरु केवल ज्ञान ही नहीं देते, बल्कि जीवन जीने की सही दिशा भी प्रदान करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को सदैव अच्छे संस्कारों एवं अनुशासित जीवन का पालन करने की प्रेरणा दी।
इसी क्रम में शिक्षक श्री सुरेश मालवीय ने अपने प्रेरक उद्बोधन में कहा कि “जब भगवान श्रीराम और भगवान श्रीकृष्ण जैसे दिव्य अवतारों ने भी ज्ञान प्राप्ति के लिए गुरु का आश्रय लिया, तब हम तो साधारण मनुष्य हैं। जीवन में सफलता, संस्कार और सही दिशा प्राप्त करने के लिए गुरु का मार्गदर्शन अनिवार्य है।” उन्होंने विद्यार्थियों से अपने गुरुजनों के प्रति श्रद्धा, सम्मान और आज्ञाकारिता बनाए रखने का आग्रह किया।
सुश्री मोनिका जैन ने गुरु कृपा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गुरु का आशीर्वाद व्यक्ति के जीवन को नई दिशा और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता है। उन्होंने विद्यार्थियों को निरंतर अध्ययन, अनुशासन और नैतिक मूल्यों के पालन के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षक श्री गजेन्द्र कौरव, श्री जावेद, श्री संजय सहित अन्य शिक्षकों ने भी विद्यार्थियों को गुरु-शिष्य परंपरा, शिक्षा के महत्व एवं चरित्र निर्माण पर प्रेरक मार्गदर्शन दिया। सभी वक्ताओं ने विद्यार्थियों से अपने जीवन में गुरुजनों के बताए मार्ग पर चलकर आदर्श नागरिक बनने का संकल्प लेने का आह्वान किया।
कार्यक्रम का वातावरण भक्ति, श्रद्धा और प्रेरणा से ओत-प्रोत रहा। विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह और अनुशासन के साथ कार्यक्रम में सहभागिता की। अंत में विद्यालय परिवार ने गुरु पूर्णिमा के अवसर पर भारतीय संस्कृति की गौरवशाली गुरु-शिष्य परंपरा को आगे बढ़ाने तथा शिक्षा के माध्यम से समाज निर्माण में अपना योगदान देने का संकल्प लिया।







