नरसिंहपुर हत्याकांड: चौथे विवाह की चाह में पत्नी ने प्रेमी संग मिलकर तीसरे पति की हत्या, तीन गिरफ्तार
नरसिंहपुर में सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा। पुलिस के अनुसार चौथे विवाह की चाह में पत्नी ने प्रेमी और उसके साथी के साथ मिलकर अपने तीसरे पति की हत्या की साजिश रची। तीनों आरोपी गिरफ्तार।

नरसिंहपुर। मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले में रिश्तों को शर्मसार कर देने वाला सनसनीखेज हत्याकांड सामने आया है। यहां एक महिला ने कथित तौर पर अपने प्रेमी से शादी करने की चाह में अपने तीसरे पति की हत्या की साजिश रच डाली। पुलिस ने महज कुछ दिनों के भीतर इस अंधी हत्या का खुलासा करते हुए मृतक की पत्नी, उसके प्रेमी और एक अन्य सहयोगी को गिरफ्तार कर लिया है।
झाड़ियों में मिला था अज्ञात शव, बाद में हुई पहचान
पुलिस के अनुसार, वारूरेवा नदी पुल के पास नेशनल हाईवे-44 (NH-44) से कुछ दूरी पर झाड़ियों में एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिलने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण कर वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्र किए। शव को पोस्टमार्टम और पहचान के लिए जिला अस्पताल की मॉर्चुरी भेजा गया।
बाद में डोरीलाल मेहरा ने मॉर्चुरी पहुंचकर शव की पहचान अपने पुत्र तुलसीराम मेहरा, निवासी नरसिंहपुर, के रूप में की।
अवैध संबंध और चौथे विवाह की चाह बनी हत्या की वजह
पुलिस अधीक्षक डॉ. ऋषिकेश मीना के निर्देशन में गठित विशेष जांच टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, वैज्ञानिक जांच और मुखबिर तंत्र की मदद से मामले की तह तक पहुंची।
जांच में सामने आया कि मृतक तुलसीराम मेहरा और उसकी पत्नी सरोज मेहरा के बीच लंबे समय से घरेलू विवाद चल रहा था। पुलिस के अनुसार, सरोज पहले दो विवाह कर चुकी थी और करीब एक वर्ष पहले उसने तुलसीराम से तीसरा विवाह किया था।
इसी दौरान उसके संबंध पुरगवां निवासी महेंद्र मेहरा से हो गए। जब तुलसीराम को इस संबंध की जानकारी हुई तो पति-पत्नी के बीच लगातार विवाद होने लगा। पुलिस का दावा है कि सरोज अपने प्रेमी महेंद्र से विवाह करना चाहती थी और इसी वजह से उसने पति की हत्या की साजिश रची।
शराब पिलाने के बहाने बुलाया, रस्सी से गला घोंटकर की हत्या
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि योजना के तहत उनका साथी विष्णु रजक तुलसीराम को शराब पीने के बहाने वारूरेवा नदी पुल के पास ले गया। वहां पहले से मौजूद महेंद्र मेहरा ने विष्णु के साथ मिलकर रस्सी से तुलसीराम का गला घोंट दिया।
हत्या के बाद आरोपियों ने शव को झाड़ियों में फेंक दिया ताकि पहचान में देर हो और पुलिस को गुमराह किया जा सके। वारदात को अंजाम देने के बाद तीनों मौके से फरार हो गए।
तीनों आरोपी गिरफ्तार
मामले का खुलासा होने के बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी सरोज मेहरा, उसके कथित प्रेमी महेंद्र मेहरा और सहयोगी विष्णु रजक को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस तीनों से पूछताछ कर रही है तथा मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है।
जांच टीम की सराहनीय भूमिका
इस अंधी हत्या की गुत्थी सुलझाने में निरीक्षक गौरव चाटे, उपनिरीक्षक आशीष बोपचे, मूलचंद यादव, प्रधान आरक्षक कलावती, शैलेंद्र तिवारी, आरक्षक प्रहलाद, जितेंद्र ठाकुर, राजेश बागरी, रोहित चांदपुरिया, महेंद्र ठाकुर, यमन बागरी, महिला आरक्षक पूजा, कुमुद, संतकुमारी तथा नगर रक्षा समिति के शुभम मालवीय की महत्वपूर्ण भूमिका रही।







