क्राइममध्य प्रदेश

सचिन पुर्विया हत्याकांड का 24 घंटे में खुलासा, पुलिस की तत्परता और नेतृत्व की क्षेत्र में हो रही सराहना

सोहागपुर के चर्चित सचिन पुर्विया हत्याकांड का पुलिस ने 24 घंटे के भीतर खुलासा कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। थाना प्रभारी गिरीश त्रिपाठी के नेतृत्व में हुई कार्रवाई की क्षेत्रभर में सराहना हो रही है।

संवाददाता राकेश पटेल इक्का

सोहागपुर। 17 जून की सुबह सोहागपुर क्षेत्र के लोगों के लिए एक दर्दनाक खबर लेकर आई। शोभापुर निवासी एवं राजपूत ढाबा (अजनेरी) के संचालक 28 वर्षीय सचिन पुर्विया की गोली मारकर हत्या कर दी गई। रानी पिपरिया नहर की पुलिया के पास उनका शव मिलने से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। परिजन, मित्र और स्थानीय लोग स्तब्ध रह गए, वहीं क्षेत्र में भय और आक्रोश का माहौल बन गया।

घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस सक्रिय हो गई। मामला बेहद संवेदनशील था, क्योंकि सचिन पुर्विया क्षेत्र के एक जाने-पहचाने युवा थे। हत्या की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में लोग सोहागपुर थाने पहुंच गए। माहौल इतना तनावपूर्ण हो गया कि थाने के सामने चक्का जाम जैसी स्थिति निर्मित हो गई।

जब पुलिस ने संभाला मोर्चा

ऐसे कठिन समय में सोहागपुर थाना प्रभारी गिरीश त्रिपाठी ने हालात को संभालने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने स्वयं मौके पर पहुंचकर लोगों से संवाद किया, उनका दर्द सुना और भरोसा दिलाया कि पुलिस हर पहलू की गंभीरता से जांच कर रही है।

आक्रोशित लोगों के बीच उन्होंने कहा—

“आप मुझ पर भरोसा करिए, मैं सुबह 5 बजे से इस मामले में लगा हूं। हमारी पूरी टीम जांच में जुटी है। हर सीसीटीवी फुटेज देखी जा रही है, हर सुराग पर काम हो रहा है। अपराधी चाहे कोई भी हो, उसे छोड़ा नहीं जाएगा।”

इन शब्दों ने लोगों के गुस्से को काफी हद तक शांत किया और पुलिस के प्रति भरोसा मजबूत किया।

सीमित सुराग, लेकिन नहीं रुकी जांच

हत्या सुनसान इलाके में हुई थी और शुरुआती जांच में कोई प्रत्यक्षदर्शी सामने नहीं आया था। ऐसे में पुलिस के सामने चुनौती बड़ी थी। लेकिन थाना प्रभारी गिरीश त्रिपाठी के नेतृत्व में पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने लगातार मेहनत जारी रखी।

सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, मोबाइल कॉल डिटेल और लोकेशन की जांच की गई, संदिग्धों से पूछताछ की गई और घटनास्थल से मिले हर छोटे-बड़े सुराग को जोड़कर जांच को आगे बढ़ाया गया।

24 घंटे में आरोपी तक पहुंची पुलिस

लगातार प्रयासों का नतीजा यह रहा कि महज 24 घंटे के भीतर पुलिस आरोपी तक पहुंचने में सफल रही। जांच में सामने आया कि सीहोर जिले के होलीपुरा निवासी विवेक गुर्जर ने चरित्र संबंधी शंका के चलते इस वारदात को अंजाम दिया था।

पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। उसकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त देशी पिस्टल, मोटरसाइकिल, मोबाइल फोन और घटना के समय पहने गए कपड़े भी बरामद कर लिए गए।

जनता का भरोसा हुआ मजबूत

इस मामले में पुलिस की सफलता इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि घटना के बाद क्षेत्र में भारी जनदबाव था। लोगों की निगाहें पुलिस की कार्रवाई पर टिकी थीं। ऐसे में 24 घंटे के भीतर आरोपी की गिरफ्तारी ने न केवल हत्याकांड का पर्दाफाश किया, बल्कि पुलिस की कार्यप्रणाली पर जनता का विश्वास भी मजबूत किया।

नेतृत्व और टीमवर्क की मिसाल

सचिन पुर्विया हत्याकांड ने एक बार फिर साबित कर दिया कि मजबूत नेतृत्व, समर्पित टीम और सही दिशा में की गई जांच से जटिल से जटिल मामलों का भी त्वरित खुलासा संभव है। थाना प्रभारी गिरीश त्रिपाठी और उनकी टीम ने न केवल एक अंधे हत्याकांड का खुलासा किया, बल्कि यह संदेश भी दिया कि अपराधी कितना भी शातिर क्यों न हो, कानून की पकड़ से बच नहीं सकता।

आज क्षेत्र में चर्चा सिर्फ आरोपी की गिरफ्तारी की नहीं, बल्कि उस भरोसे की भी है जो पुलिस ने जनता को दिया और अपने कार्यों से उसे साबित कर दिखाया।

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