200 CCTV फुटेज, तकनीकी जांच और मुखबिर तंत्र की मदद से नर्मदापुरम पुलिस ने सुलझाया लूटकांड, 4 आरोपी गिरफ्तार
व्यापारी से लूट की वारदात का खुलासा, वारदात में इस्तेमाल कार जब्त, आरोपियों से नकदी बरामद

संवाददाता राकेश पटेल इक्का
नर्मदापुरम। नर्मदापुरम देहात थाना पुलिस ने एक बार फिर अपनी सक्रियता और पेशेवर कार्यशैली का परिचय देते हुए बहुचर्चित लूटकांड का खुलासा कर बड़ी सफलता हासिल की है। करीब 200 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र की मदद से पुलिस ने वारदात में शामिल चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में पुलिस की कार्यप्रणाली की सराहना की जा रही है।
व्यापारी के साथ हुई थी लूट की वारदात
जानकारी के अनुसार 12 जून की रात बुधनी निवासी व्यापारी नारायण सिंह उर्फ राहुल सिंह राजपूत अपने काम से लौट रहे थे। इसी दौरान परमश्री गार्डन के पास कुछ बदमाशों ने उनका पीछा किया। आरोपियों ने कार से पीछा करते हुए मोटरसाइकिल सवारों को रोका, उनके साथ मारपीट की और सोने की चेन लूटकर फरार हो गए।
रात के समय हुई इस घटना से क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया था और लोगों के मन में सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े हो गए थे।
200 CCTV कैमरों की फुटेज बनी सबसे बड़ा सुराग
घटना के बाद देहात थाना प्रभारी उषा मरावी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मामले की गंभीरता को देखते हुए व्यापक जांच शुरू की। पुलिस ने शहर और आसपास के क्षेत्रों में लगे करीब 200 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली।
फुटेज के विश्लेषण, मोबाइल लोकेशन, तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र से प्राप्त सूचनाओं को जोड़ते हुए पुलिस आरोपियों तक पहुंचने में सफल रही। जांच के दौरान पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई ईको स्पोर्ट्स कार की पहचान की और उसके आधार पर आरोपियों की तलाश शुरू की।
चार आरोपी गिरफ्तार
लगातार प्रयासों के बाद पुलिस ने मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों के नाम हैं—
- रितिक गोस्वामी
- हरिओम गोस्वामी
- ओमप्रकाश गोस्वामी
- सुदीप गौर
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने लूट की वारदात को अंजाम देना स्वीकार कर लिया है।
कार जब्त, नकदी भी बरामद
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वारदात में प्रयुक्त ईको स्पोर्ट्स कार जब्त कर ली है। इसके अलावा लूटी गई सोने की चेन को बेचकर प्राप्त राशि में से 8,100 रुपये नकद भी बरामद किए गए हैं।
पुलिस का कहना है कि मामले में अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है और आवश्यक साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड भी आया सामने
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि मुख्य आरोपी रितिक गोस्वामी और हरिओम गोस्वामी के खिलाफ पूर्व में भी कई आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। इससे यह स्पष्ट होता है कि दोनों आरोपी पहले से अपराध की दुनिया में सक्रिय रहे हैं।
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि ऐसे अपराधियों पर लगातार निगरानी और समय-समय पर प्रभावी कार्रवाई अपराध नियंत्रण के लिए आवश्यक है।
पुलिस टीम की मेहनत लाई रंग
इस महत्वपूर्ण सफलता के पीछे देहात थाना प्रभारी उषा मरावी के नेतृत्व में पूरी टीम की कड़ी मेहनत रही। विशेष रूप से आरक्षक कपिल विश्वकर्मा, जितेंद्र सिंह राजपूत और सुनील साहू की भूमिका सराहनीय रही, जिन्होंने जांच के दौरान महत्वपूर्ण सुराग जुटाने और आरोपियों तक पहुंचने में अहम योगदान दिया।
पुलिस की इस कार्रवाई से एक बार फिर यह संदेश गया है कि अपराधी चाहे कितनी भी चालाकी से वारदात को अंजाम दें, आधुनिक तकनीक, सीसीटीवी निगरानी और पुलिस की सतर्कता के सामने उनका बच निकलना आसान नहीं है।







