शासकीय महाविद्यालय की भूमि पर कब्जे का प्रयास विफल, प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की सक्रियता से बची सरकारी जमीन
कॉलेज के लिए आवंटित 4 हेक्टेयर भूमि पर फेंसिंग के दौरान हुआ विरोध, मौके पर पहुंचे जनप्रतिनिधियों ने अतिक्रमण नहीं होने देने का दिया भरोसा

सालीचौका/नरसिंहपुर। शासकीय महाविद्यालय सालीचौका के लिए आवंटित शासकीय भूमि पर कथित रूप से पुनः कब्जा करने के प्रयास को प्रशासनिक सतर्कता और जनप्रतिनिधियों की सक्रियता के चलते विफल कर दिया गया। समय रहते प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के हस्तक्षेप से सरकारी भूमि को सुरक्षित रखते हुए फेंसिंग कार्य को सुचारू रूप से जारी रखा गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार शासकीय महाविद्यालय सालीचौका के लिए ग्राम सहावन स्थित खसरा क्रमांक 191/1 में से लगभग 4 हेक्टेयर भूमि आवंटित की गई है। महाविद्यालय के भविष्य के विकास और भूमि की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ग्राम पंचायत सहावन द्वारा इस शासकीय भूमि पर तार फेंसिंग का कार्य कराया जा रहा था।
बताया जाता है कि फेंसिंग कार्य के दौरान आसपास के कुछ किसानों ने आपत्ति दर्ज कराते हुए कार्य का विरोध किया। इसी बीच भूमि पर पुनः कब्जा करने जैसी स्थिति निर्मित होने लगी, जिससे मौके पर तनाव का माहौल बन गया। मामले की जानकारी मिलते ही प्रशासनिक अधिकारियों को सूचित किया गया।
मौके पर पहुंचे जनप्रतिनिधि
घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्र के जनप्रतिनिधि और भाजपा नेता तत्काल मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ स्थिति का जायजा लिया तथा संबंधित पक्षों से चर्चा कर विवाद को शांत करने का प्रयास किया।
जनप्रतिनिधियों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि शासकीय महाविद्यालय के लिए आवंटित भूमि सार्वजनिक हित से जुड़ी हुई है और इस पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण या अवैध कब्जा स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के विद्यार्थियों के भविष्य और शिक्षा के विकास के लिए यह भूमि सुरक्षित रहना अत्यंत आवश्यक है।
शिक्षा संस्थान की भूमि की सुरक्षा पर जोर
मौके पर मौजूद जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन से शासकीय भूमि की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने की बात कही। उनका कहना था कि महाविद्यालय के विस्तार और विकास के लिए पर्याप्त भूमि का सुरक्षित रहना जरूरी है, ताकि भविष्य में शैक्षणिक गतिविधियों और आधारभूत सुविधाओं का विस्तार किया जा सके।
प्रशासनिक अमले की मौजूदगी और जनप्रतिनिधियों के हस्तक्षेप के बाद फेंसिंग कार्य पुनः शुरू किया गया और कार्य को बिना किसी बाधा के आगे बढ़ाया गया।
कई जनप्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता रहे मौजूद
इस दौरान वरिष्ठ भाजपा नेता जयप्रकाश वर्मा, दुर्गा प्रसाद पटेल, रामदयाल पटेल, विधायक प्रतिनिधि पराग तिवारी, भवानी पटेल, किरणबाई मेहरा, हक्केलाल अहीरवार, मयंक लोधी, कुलदीप तिवारी एवं भगवानदास वर्मा सहित अनेक जनप्रतिनिधि और क्षेत्रीय नागरिक उपस्थित रहे।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की तत्परता की सराहना करते हुए उम्मीद जताई कि महाविद्यालय की भूमि पूरी तरह सुरक्षित रहेगी और भविष्य में यहां शैक्षणिक विकास के नए आयाम स्थापित होंगे।







