49वें दिन भी जारी रहा ग्रामीणों का धरना, कलेक्टर को सौंपेंगे ज्ञापन
सड़क, बिजली, पानी और आवास जैसी मूलभूत सुविधाओं की मांग को लेकर आंदोलन तेज, मांगें पूरी नहीं हुईं तो स्कूल बहिष्कार और भूख हड़ताल की चेतावनी

सालीचौका/नरसिंहपुर। जनपद पंचायत चीचली अंतर्गत ग्राम बारहा बड़ा के वार्ड क्रमांक 4 एवं 5 के ग्रामीणों का मूलभूत सुविधाओं की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन लगातार 49वें दिन भी जारी रहा। मध्य प्रदेश किसान सभा के बैनर तले बच्चे, महिलाएं, युवा और किसान बड़ी संख्या में प्रतिदिन धरने पर बैठकर सड़क, बिजली, पानी और आवास जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग कर रहे हैं।
मध्य प्रदेश किसान सभा के जिला अध्यक्ष लीलाधर वर्मा एवं जिला महासचिव देवेंद्र वर्मा ने बताया कि ग्राम बारहा बड़ा के वार्डवासियों द्वारा पिछले कई वर्षों से शासन-प्रशासन के समक्ष समस्याओं के समाधान की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इसी कारण ग्रामीणों को आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होना पड़ा।
उन्होंने बताया कि मंगलवार 9 जून 2026 को जिला मुख्यालय में आयोजित जनसुनवाई के दौरान ग्रामीणों का प्रतिनिधिमंडल कलेक्टर, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत एवं जिला शिक्षा अधिकारी नरसिंहपुर को ज्ञापन सौंपेगा। इस दौरान बड़ी संख्या में बच्चे, महिलाएं और ग्रामीण भी उपस्थित रहेंगे।
सड़क निर्माण बनी सबसे बड़ी मांग
ग्रामीणों का कहना है कि वार्ड तक पहुंचने वाला मार्ग आज भी कच्चा है, जिससे बरसात के दिनों में आवागमन पूरी तरह बाधित हो जाता है। स्कूल जाने वाले बच्चों, मरीजों और किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों की प्रमुख मांग है कि बरसात शुरू होने से पहले सड़क का निर्माण कराया जाए, ताकि वर्षों पुरानी समस्या का स्थायी समाधान हो सके।
स्कूल बहिष्कार और भूख हड़ताल की चेतावनी
आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई और बरसात से पहले सड़क निर्माण शुरू नहीं हुआ तो क्षेत्र के बच्चे स्कूल का बहिष्कार करेंगे। वहीं वार्डवासी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठेंगे।
ग्रामीणों का कहना है कि भूख हड़ताल के दौरान यदि प्रशासन भोजन उपलब्ध कराएगा तभी वे भोजन ग्रहण करेंगे, अन्यथा आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि समस्याओं का समाधान होने तक धरना समाप्त नहीं किया जाएगा।
उग्र आंदोलन की चेतावनी
मध्य प्रदेश किसान सभा के नेताओं ने कहा कि यदि प्रशासन ने अब भी ग्रामीणों की मांगों को गंभीरता से नहीं लिया तो आगामी दिनों में आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। इसके तहत पुतला दहन, आमरण अनशन एवं अन्य लोकतांत्रिक आंदोलनात्मक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि सड़क, बिजली, पानी और आवास जैसी बुनियादी सुविधाओं की समस्याओं का तत्काल समाधान किया जाए, ताकि क्षेत्र के लोगों को राहत मिल सके।







