जबलपुर शादी ठगी मामला: भाई बनकर किया कन्यादान, निकला दुल्हन का पति; 7 आरोपियों पर FIR
जबलपुर में शादी के नाम पर ठगी का चौंकाने वाला मामला सामने आया। दुल्हन पहले से शादीशुदा निकली और भाई बनकर कन्यादान करने वाला युवक उसका असली पति निकला। पुलिस ने 7 लोगों पर FIR दर्ज की।

भाई बनकर किया कन्यादान, निकला दुल्हन का असली पति
जबलपुर/ग्वालियर। मध्यप्रदेश के जबलपुर से शादी के नाम पर ठगी का बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक निजी अस्पताल में कार्यरत युवक को सुनियोजित तरीके से जाल में फंसाया गया। शादी के बाद जब सच्चाई सामने आई तो परिवार के होश उड़ गए।
हैरानी की बात यह रही कि जिस व्यक्ति ने शादी में दुल्हन का भाई बनकर कन्यादान किया, वही उसका असली पति निकला। मामले में पुलिस ने सात लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र का मामला दर्ज किया है।
रिश्ते के नाम पर रचा गया पूरा खेल
जानकारी के अनुसार ग्वालियर के नाका चंद्रवदनी निवासी रतन शर्मा जबलपुर के एक निजी अस्पताल के इमरजेंसी विभाग में टीम लीडर के पद पर कार्यरत हैं। परिवार उनके लिए रिश्ते की तलाश कर रहा था।
इसी दौरान पड़ोसी सोनू तिवारी ने एक युवती का रिश्ता बताकर परिवार को भरोसे में लिया। मुरैना निवासी राधा उर्फ दीक्षा मुद्गल को गरीब और अविवाहित बताकर शादी तय कराई गई।
27 अप्रैल को गोद भराई की रस्म हुई और 7 मई को ग्वालियर के एक होटल में हिंदू रीति-रिवाज से विवाह कराया गया। शादी में लाखों रुपए खर्च किए गए।
शादी के बाद खुला राज
शादी के दौरान युवती के कथित भाई के रूप में मौजूद सोनू उर्फ अजय चौहान ने सभी रस्में निभाईं। उसकी मां ने लड़की की मां बनकर कन्यादान किया, जबकि अन्य लोग रिश्तेदार बनकर शादी में शामिल हुए।
शादी के बाद दुल्हन लगातार मोबाइल पर किसी से बातचीत और चैट करती रही, जिससे पति को शक हुआ। मोबाइल की जांच करने पर व्हाट्सऐप चैट से बड़ा खुलासा हुआ।
जांच में पता चला कि भाई बनकर शादी कराने वाला सोनू उर्फ अजय चौहान ही युवती का असली पति है। दोनों ने वर्ष 2024 में आगरा के आर्य समाज मंदिर में प्रेम विवाह किया था और पति-पत्नी की तरह रह रहे थे।
शादी के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का शक
पीड़ित परिवार का आरोप है कि यह पूरा गिरोह शादी के नाम पर लोगों को फंसाकर नकदी और जेवरात हड़पने का काम करता है। सच्चाई सामने आने के बाद परिवार ने तुरंत पुलिस से शिकायत की।
झांसी रोड थाना पुलिस ने राधा उर्फ दीक्षा मुद्गल, सोनू उर्फ अजय चौहान, माया देवी, शिल्पी परमार, राघवेंद्र परमार, सत्येंद्र चौहान और सोनू तिवारी के खिलाफ धोखाधड़ी एवं आपराधिक षड्यंत्र का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार शुरुआती जांच में संकेत मिले हैं कि आरोपी पहले भी इसी तरह की घटनाओं में शामिल रहे हैं। फिलहाल सभी आरोपियों की तलाश जारी है।







