NTPC डंपरों का मौत तांडव! दो युवकों की मौत के बाद फूटा जनआक्रोश

गाडरवारा। गाडरवारा-चीचली मार्ग पर NTPC फ्लाई ऐश डंपरों की बेलगाम रफ्तार और लापरवाही एक बार फिर दो परिवारों पर भारी पड़ गई। देर रात सड़क किनारे बिना संकेत खड़े डंपर से टकराकर दो युवकों की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद परिजनों और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा और आमगांव नाका व शांतिदूत तिराहे पर शव रखकर चक्का जाम कर दिया गया।
प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए 10-10 लाख रुपये मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी की मांग रखी। लगातार तीन दिन में चार मौतों से गाडरवारा-चीचली मार्ग दहल उठा है और लोगों में भारी आक्रोश है।
मृतकों की पहचान
- भूरा यादव, निवासी कामती, गाडरवारा
- ओ.पी. ममार, निवासी कामती, गाडरवारा
कैसे हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार देर रात मोटरसाइकिल सवार दोनों युवक सड़क किनारे खड़े फ्लाई ऐश डंपर से जा भिड़े। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।
हादसे के मुख्य कारण बताए जा रहे
- बिना संकेत सड़क किनारे खड़ा डंपर
- रात में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था का अभाव
- यातायात और सुरक्षा नियमों की अनदेखी
- ओवरलोडिंग और भारी वाहनों की बेलगाम आवाजाही
शव रखकर फूटा जनआक्रोश
घटना के विरोध में परिजन और ग्रामीण सड़क पर उतर आए। आमगांव नाका और शांतिदूत तिराहे पर चक्का जाम कर प्रदर्शन शुरू हुआ। लोगों का कहना था कि लगातार हादसों के बावजूद प्रशासन और जिम्मेदार एजेंसियां नहीं जाग रहीं।
प्रदर्शन को मिला जनप्रतिनिधियों का समर्थन
धरना स्थल पर पूर्व जिला पंचायत सदस्य गौतम सिंह पटेल, कांग्रेस नेता रवि शेखर जयसवाल, नगर कांग्रेस अध्यक्ष सतीश सैनी सहित कई जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे और पीड़ित परिवारों की मांगों का समर्थन किया।
पुलिस-प्रशासन ने संभाला मोर्चा
मौके पर एसडीओपी ललित सिंह डोंगार, थाना प्रभारी अशोक सिंह चौहान सहित पुलिस टीम पहुंची। समझाइश और कार्रवाई के आश्वासन के बाद मामला शांत हुआ।
मृतक परिवारों को आर्थिक सहायता
NTPC फ्लाई ऐश परिवहन कंपनी की ओर से राहत राशि के रूप में
- कौरव परिवार को 5 लाख रुपये
- यादव परिवार को 6 लाख रुपये
की आर्थिक सहायता प्रदान की गई।
स्थायी समाधान की मांग तेज
घटना के बाद क्षेत्र में डंपरों की आवाजाही पर नियंत्रण, अलग सुरक्षित लेन, और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग तेज हो गई है। लोगों का कहना है कि अब सिर्फ मुआवजा नहीं, बल्कि स्थायी समाधान चाहिए।
गाडरवारा-चीचली मार्ग पर लगातार हो रहे हादसों ने बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है— आखिर मौत बन चुके इस मार्ग पर कब लगेगी रोक?







