नर्मदापुरम पुलिस ने दिखाई सधी हुई सख्ती, 2025 में अपराध पर पूरी तरह काबू
शिवपुर और रामपुर गुर्रा थाना बने जिले की शान, थाना प्रभारियों की सूझबूझ और मेहनत की हर ओर सराहना

संवाददाता राकेश पटेल इक्का
नर्मदापुरम जिले में वर्ष 2025 पुलिसिंग के लिहाज से संयम, सजगता और जिम्मेदारी का साल रहा। पुलिस महानिरीक्षक नर्मदापुरम जोन श्री मिथिलेश कुमार शुक्ला की अध्यक्षता में हुई वार्षिक अपराध समीक्षा बैठक में जिले के थानों और अनुविभागों के कार्य का गहन मूल्यांकन किया गया। समीक्षा में यह साफ सामने आया कि जिले में अपराध दर्ज करने के बाद उसे अंजाम तक पहुंचाने की परंपरा मजबूत हुई है।
सबसे बेहतर प्रदर्शन थाना शिवपुर का रहा, जहां पूरे वर्ष में मात्र 1.99 प्रतिशत प्रकरण ही लंबित रहे। यह उपलब्धि थाना प्रभारी की सतत निगरानी, समय पर कार्रवाई और कर्मठ नेतृत्व का परिणाम मानी जा रही है। पुराने मामलों को प्राथमिकता पर निकालना, आरोपियों की त्वरित गिरफ्तारी और चालानों को समय पर न्यायालय में प्रस्तुत करना शिवपुर थाने की पहचान बनी। जिले में यह थाना अनुशासित और परिणाम देने वाले थाने के रूप में सामने आया।

इसी क्रम में थाना रामपुर गुर्रा ने भी 2.98 प्रतिशत पेंडेंसी के साथ उल्लेखनीय कार्य किया। थाना प्रभारी द्वारा लंबित प्रकरणों की लगातार समीक्षा, टीम के साथ समन्वय और बिना शोर-शराबे के की गई कार्रवाई ने थाने को जिले के अग्रणी थानों की पंक्ति में खड़ा कर दिया। रामपुर गुर्रा में कानून की मौजूदगी महसूस हुई और अपराध की पुनरावृत्ति पर प्रभावी रोक लगी।
अनुविभाग स्तर पर इटारसी, पिपरिया, सिवनी मालवा, सोहागपुर और नर्मदापुरम में भी पेंडेंसी नियंत्रित रही। इसका श्रेय वहां पदस्थ अधिकारियों और थाना प्रभारियों की सतर्कता, नियमित निरीक्षण और कार्य के प्रति निष्ठा को जाता है।
साल भर जिले में आयोजित सभी धार्मिक और सामाजिक आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराए गए। कानून-व्यवस्था को लेकर किसी भी स्तर पर शिथिलता नहीं बरती गई। समीक्षा बैठक में आईजी श्री शुक्ला ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अपराध निकाल की यह गति जिले की ताकत है और इसे आगे भी बनाए रखना होगा।
बैठक में पुलिस कंट्रोल रूम एवं पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सुधरे स्वरूप की भी प्रशंसा की गई। उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिस अधीक्षक, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, पुलिस अधीक्षक अजाक और समस्त अनुविभागीय अधिकारियों को प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया गया।
कुल मिलाकर वर्ष 2025 नर्मदापुरम पुलिस के लिए ऐसा साल रहा, जिसमें काम बोलता दिखा। बिना शोर, बिना दिखावे—सधे कदमों से कानून की पकड़ मजबूत की गई, और यही पुलिसिंग की असली पहचान मानी जाती है।







