गाडरवारा के तीन निजी स्कूलों पर नगर पालिका का करीब ₹40 लाख बकाया, सुरक्षा मानकों को लेकर भी उठे सवाल
टैगोर विद्या निकेतन, दक्ष इंटरनेशनल और क्रियान इंटरनेशनल स्कूल पर लाखों रुपये का कर बकाया, फायर एनओसी व भवन अनुमति को लेकर भी चर्चाएं तेज

गाडरवारा। नगर के तीन प्रमुख निजी स्कूलों पर नगर पालिका का करीब ₹39.58 लाख का कर बकाया होने का मामला सामने आने के बाद शिक्षा संस्थानों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। जानकारी के अनुसार टैगोर विद्या निकेतन, दक्ष इंटरनेशनल स्कूल और क्रियान इंटरनेशनल स्कूल पर नगर पालिका का लाखों रुपये का कर बकाया है। इसके साथ ही कुछ स्कूलों में अग्नि सुरक्षा (फायर एनओसी) एवं भवन संबंधी आवश्यक अनुमतियों को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं।
नगर पालिका का करीब ₹40 लाख बकाया
नगर पालिका से प्राप्त जानकारी के अनुसार तीनों स्कूलों पर निम्नानुसार कर बकाया बताया गया है—
- टैगोर विद्या निकेतन – ₹19,42,742
- दक्ष इंटरनेशनल स्कूल – ₹11,82,740
- क्रियान इंटरनेशनल स्कूल – ₹8,33,370
इस प्रकार तीनों संस्थानों पर कुल ₹39,58,852 का कर बकाया बताया गया है।
नगर पालिका ने अंतिम नोटिस जारी करने की कही बात
जब इस संबंध में नगर पालिका के जिम्मेदार अधिकारियों से जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया कि संबंधित स्कूलों को अंतिम नोटिस जारी किए जा चुके हैं। साथ ही उच्च अधिकारियों को भी पत्र भेजा गया है। यदि निर्धारित समय में बकाया राशि जमा नहीं की जाती है तो नियमानुसार न्यायालय के माध्यम से कुर्की की कार्रवाई की जाएगी।
सुरक्षा मानकों पर भी उठे सवाल
कर बकाया के अलावा कुछ स्कूलों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी प्रश्न खड़े हो रहे हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार टैगोर विद्या निकेतन और दक्ष इंटरनेशनल स्कूल में वैध फायर एनओसी तथा भवन निर्माण संबंधी आवश्यक अनुमतियों की स्थिति को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। वहीं क्रियान इंटरनेशनल स्कूल सहित अन्य संस्थानों पर भी नगर पालिका का कर बकाया होने की बात सामने आई है।
बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
शिक्षा एवं सुरक्षा से जुड़े जानकारों का कहना है कि किसी भी विद्यालय में फायर एनओसी, भवन की वैधानिक अनुमति तथा स्थानीय निकाय के नियमों का पालन केवल औपचारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की सुरक्षा से जुड़ा अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है। यदि किसी विद्यालय में सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जाता है तो किसी भी आपात स्थिति में गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता है।
प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी निगाहें
इस पूरे मामले के बाद अब लोगों की निगाहें प्रशासन की कार्रवाई पर हैं। यदि जांच में कर बकाया, फायर एनओसी अथवा अन्य दस्तावेजों से संबंधित तथ्य सही पाए जाते हैं तो संबंधित विभाग नियमानुसार कार्रवाई कर सकते हैं। वहीं यदि संबंधित स्कूलों के पास सभी आवश्यक वैध दस्तावेज उपलब्ध हैं तो स्थिति स्पष्ट करने के लिए उन्हें सार्वजनिक करना भी आवश्यक माना जा रहा है।
स्कूलों का पक्ष आना बाकी
इस मामले में संबंधित निजी स्कूलों का आधिकारिक पक्ष अभी सामने नहीं आया है। यदि संस्थानों की ओर से कोई स्पष्टीकरण या प्रतिक्रिया जारी की जाती है तो उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाना चाहिए, ताकि सभी पक्षों की जानकारी पाठकों तक पहुंच सके।







