सेवानिवृत्त प्रभारी सीएमओ पर EOW की कार्रवाई तेज, बैंक खाते सीज, 12.50 लाख के गिरवी रखे सोने के जेवर जब्त
आय से अधिक संपत्ति मामले में EOW ने सेवानिवृत्त प्रभारी CMO योगेंद्र ढिमोले के बैंक खाते सीज किए। 12.50 लाख रुपये के गोल्ड लोन में गिरवी रखे सोने के जेवर जब्त, 8 बैंक खातों की जांच जारी।

गाडरवारा/लखनादौन। आय से अधिक संपत्ति (Disproportionate Assets) के मामले में आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ने सेवानिवृत्त सहायक राजस्व निरीक्षक एवं लखनादौन के पूर्व प्रभारी मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) योगेंद्र ढिमोले के खिलाफ जांच और तेज कर दी है। जांच के दौरान ईओडब्ल्यू ने योगेंद्र ढिमोले के गाडरवारा स्थित बैंक खातों को सीज कर दिया है। वहीं सोमवार को उनकी पत्नी गीता ढिमोले के नाम पर संचालित बैंक लॉकर की भी जांच की गई।
जांच के दौरान लखनादौन स्थित सेंट्रल बैंक में संचालित लॉकर खोला गया, लेकिन उसमें सोने-चांदी के आभूषण नहीं मिले। हालांकि जांच में यह सामने आया कि बैंक ऑफ इंडिया से लगभग 12.50 लाख रुपये का गोल्ड लोन लिया गया था। इस लोन के बदले गिरवी रखे गए सोने के जेवरों को ईओडब्ल्यू ने जब्त कर लिया है और उन्हें जांच का हिस्सा बनाया गया है।
3 जुलाई की छापेमारी में मिले थे करोड़ों की संपत्ति के दस्तावेज
गौरतलब है कि 3 जुलाई को ईओडब्ल्यू की टीम ने गाडरवारा और सिवनी जिले के लखनादौन में योगेंद्र ढिमोले से जुड़े ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की थी। इस कार्रवाई में अधिकारियों को लगभग 2.36 करोड़ रुपये की अनुमानित अनुपातहीन संपत्ति से जुड़े दस्तावेज, निवेश और अन्य वित्तीय जानकारियां मिली थीं। इसके बाद जांच का दायरा और बढ़ा दिया गया।
आठ बैंक खातों की हो रही विस्तृत जांच
ईओडब्ल्यू अधिकारियों के अनुसार, जांच के दौरान सामने आए योगेंद्र ढिमोले और उनके परिवार के सदस्यों के नाम पर संचालित आठ बैंक खातों की भी गहन जांच की जा रही है। इन खातों में जमा राशि, लेनदेन, निवेश और संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों का सत्यापन किया जा रहा है। जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि इन खातों में जमा धनराशि और संपत्तियों का स्रोत क्या है तथा क्या यह उनकी वैध आय के अनुरूप है।
लॉकर की जांच के बाद स्पष्ट होगी पूरी संपत्ति
ईओडब्ल्यू का कहना है कि बैंक लॉकर, बैंक खातों और अन्य वित्तीय दस्तावेजों की जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि योगेंद्र ढिमोले और उनके परिवार के पास कुल कितनी संपत्ति है और उसका आय के स्रोतों से क्या संबंध है। फिलहाल मामले की जांच जारी है और आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ की टीम सभी वित्तीय पहलुओं की बारीकी से पड़ताल कर रही है।
जांच एजेंसी का कहना है कि यदि जांच में आय से अधिक संपत्ति के आरोप पुष्ट होते हैं तो नियमानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।







