गाडरवारा बोदरी में बिना अनुमति ट्रांसफार्मर शिफ्ट करने का आरोप, ग्रामीणों ने बिजली विभाग को दी आंदोलन की चेतावनी
25 केवीए ट्रांसफार्मर को निजी स्वार्थ में हटाने का आरोप, कलेक्टर और एसडीएम को भी भेजी शिकायत

गाडरवारा। ग्राम बोदरी में विद्युत व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि गांव में पानी की टंकी के समीप स्थापित 25 केवीए क्षमता के ट्रांसफार्मर को कुछ लोगों द्वारा विभागीय अनुमति के बिना अपने निजी हित में अन्य स्थान पर शिफ्ट कर दिया गया है, जिससे किसानों और ग्रामीण उपभोक्ताओं को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
इस संबंध में ग्रामीणों ने मध्यप्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड, जबलपुर के उपसंभाग गाडरवारा के कनिष्ठ अभियंता को लिखित शिकायत सौंपते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि ट्रांसफार्मर के स्थान परिवर्तन से क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति प्रभावित हो रही है। विशेष रूप से किसानों को सिंचाई कार्यों में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जबकि आम उपभोक्ताओं को भी बिजली आपूर्ति में दिक्कतें आ रही हैं।
नवीन ट्रांसफार्मर की स्थापना में भी मनमानी का आरोप
शिकायत पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि ग्राम बोदरी के लिए एक नया ट्रांसफार्मर स्वीकृत किया गया है, लेकिन उसके स्थापना कार्य में भी मनमानी बरती जा रही है। ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि यदि समय रहते विभाग ने हस्तक्षेप नहीं किया तो भविष्य में समस्या और गंभीर हो सकती है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि संबंधित अधिकारी मौके का निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति का परीक्षण करें और यदि बिना अनुमति ट्रांसफार्मर शिफ्ट किया गया है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
कार्रवाई नहीं हुई तो होगा आंदोलन
ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी शिकायत पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई और विद्युत व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होंगे। ऐसी स्थिति में होने वाली किसी भी अप्रिय परिस्थिति की संपूर्ण जिम्मेदारी विद्युत विभाग की होगी।
ग्रामीणों द्वारा शिकायत की प्रतिलिपि अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) गाडरवारा एवं कलेक्टर नरसिंहपुर को भी सूचनार्थ प्रेषित की गई है, ताकि मामले में उच्च स्तर पर संज्ञान लेकर उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
अब ग्रामीणों की निगाह बिजली विभाग की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है। यदि जांच में शिकायत सही पाई जाती है तो संबंधित जिम्मेदार व्यक्तियों पर कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।







