मध्य प्रदेश

धरने के 49वें दिन ग्रामीणों ने जिलाधिकारियों को सौंपा ज्ञापन, समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो होगा उग्र आंदोलन

बारहा बड़ा के बच्चों ने दी स्कूल बहिष्कार की चेतावनी, ग्रामीण बोले- भूख हड़ताल से लेकर चक्का जाम तक करेंगे आंदोलन

नरसिंहपुर/चीचली। मध्य प्रदेश किसान सभा के बैनर तले चीचली जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम बारहा बड़ा के वार्ड क्रमांक 4 एवं 5 में पिछले 49 दिनों से जारी धरना प्रदर्शन अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। बुनियादी सुविधाओं की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे ग्रामीणों ने मंगलवार को कलेक्टर, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत और जिला शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर समस्याओं के तत्काल समाधान की मांग की।

मध्य प्रदेश किसान सभा इकाई बारहा बड़ा के अध्यक्ष दिनेश कुशवाहा ने बताया कि किसान सभा के जिला अध्यक्ष लीलाधर वर्मा एवं महासचिव देवेंद्र वर्मा के मार्गदर्शन में वार्ड की गंभीर समस्याओं को लेकर महिलाओं, पुरुषों, बच्चों और संगठन के पदाधिकारियों ने जिला अधिकारियों के समक्ष अपनी पीड़ा रखी।

उन्होंने कहा कि ग्रामीण लंबे समय से शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन समस्याओं का निराकरण नहीं होने से लोगों में भारी आक्रोश है। इसलिए जिला प्रशासन तक समस्याओं को अंतिम बार पहुंचाकर समाधान की अपेक्षा की गई है। यदि इसके बाद भी कार्रवाई नहीं हुई तो किसान सभा ग्रामीणों के साथ मिलकर उग्र आंदोलन करने को बाध्य होगी।

49 दिनों से धरने पर बैठे हैं ग्रामीण

ग्राम बारहा बड़ा के वार्ड क्रमांक 4 और 5 के लोगों का आरोप है कि आजादी के दशकों बाद भी उन्हें सड़क, पेयजल, बिजली और आवास जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं हो सकी हैं। वर्षों से शासन-प्रशासन को आवेदन और ज्ञापन दिए गए, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। मजबूर होकर बच्चों, महिलाओं, किसानों और युवाओं ने धरना-प्रदर्शन का रास्ता अपनाया।

धरना स्थल से लगातार एसडीएम गाडरवारा सहित प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन देकर समस्याओं से अवगत कराया जाता रहा है, लेकिन अब तक समाधान नहीं निकल पाया है।

बच्चों ने दी स्कूल बहिष्कार की चेतावनी

ग्रामीणों का कहना है कि उनकी सबसे बड़ी समस्या सड़क निर्माण की है। बरसात के दौरान रास्ता दलदल में तब्दील हो जाता है, जिससे बच्चों का स्कूल जाना मुश्किल हो जाता है। यदि वर्षा ऋतु शुरू होने से पहले सड़क निर्माण का कार्य प्रारंभ नहीं हुआ तो वार्ड के सभी बच्चे स्कूल का बहिष्कार करेंगे।

इसके साथ ही महिलाओं और पुरुषों ने भी चेतावनी दी है कि वे भूख हड़ताल शुरू करेंगे। यदि तब भी प्रशासन नहीं जागा तो पुतला दहन, चक्का जाम और आमरण अनशन जैसे उग्र आंदोलन किए जाएंगे, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

ग्रामीणों की प्रमुख मांगें

ग्रामीणों ने ज्ञापन के माध्यम से निम्न मांगें रखीं—

  • पेट्रोल पंप बारहा बड़ा रोड से रघुवर कुशवाहा के उमर नदी तक सड़क निर्माण कराया जाए।
  • कंछेदी कुशवाहा के घर से प्रकाश होरी वाले के मकान तक सड़क बनाई जाए।
  • वार्ड में अटल ज्योति योजना का ट्रांसफार्मर स्थापित किया जाए।
  • पेयजल समस्या के समाधान के लिए नई पाइप लाइन बिछाई जाए।
  • उमर नदी पर आवागमन की सुविधा के लिए रिपटा (पुलिया) का निर्माण कराया जाए।
  • पात्र हितग्राहियों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ देकर आवास स्वीकृत किए जाएं।

प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी ग्रामीणों की नजर

धरने के 49वें दिन ज्ञापन सौंपे जाने के बाद अब ग्रामीणों की निगाह प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है। किसान सभा पदाधिकारियों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। ग्रामीणों का कहना है कि वे अपने अधिकारों के लिए अंतिम सांस तक संघर्ष करने को तैयार हैं।

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