मध्य प्रदेश

धान उपार्जन की तैयारियों पर उठे सवाल, व्यवस्थाओं की भारी खामियों को ढँकने की कोशिश

संवाददाता राकेश पटेल इक्का

नर्मदापुरम जिले में धान उपार्जन को लेकर Collector सुश्री सोनिया मीना द्वारा दिए जा रहे निर्देशों के बीच वास्तविक तैयारियाँ अभी भी अधूरी और अव्यवस्थित दिखाई दे रही हैं। बार-बार बैठकों और निर्देशों के बावजूद उपार्जन केंद्रों पर बुनियादी संसाधनों की कमी, पिछले वर्षों की समस्याओं की पुनरावृत्ति और समितियों की लापरवाह कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं।

जिले में 70 उपार्जन केंद्रों पर खरीदी की बात कही जा रही है, लेकिन किसानों की भारी संख्या—32,396 पंजीकृत और उनमें से 10,877 द्वारा स्लॉट बुकिंग के बावजूद—केंद्रों की तैयारियों में अपेक्षित तेजी दिखाई नहीं दे रही। किसानों को बारदाना, टैग, मशीनें और अन्य संसाधनों की उपलब्धता का भरोसा दिलाया जा रहा है, जबकि कई केंद्रों पर इनकी कमी की शिकायतें पहले से सामने आती रही हैं।

जिला और विकासखंड स्तर के अधिकारियों को “नियमित निरीक्षण” करने के निर्देश फिर से दोहराए गए, जिससे यह सवाल उठता है कि क्या अब तक निरीक्षण वास्तव में किए ही नहीं गए थे? क्या ये निर्देश सिर्फ कागजी कार्रवाई हैं और फील्ड में स्थिति पहले जैसी ही बदहाल है?

उपार्जन प्रक्रिया शुरू होने से ठीक पहले की गई यह “समीक्षा बैठक” यह दर्शाती है कि व्यवस्थाएँ अभी भी अधूरी हैं और प्रशासन दबाव में केवल आदेश जारी कर रहा है, जबकि वास्तविक सुधार जमीन पर नजर नहीं आ रहा।

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