क्राइममध्य प्रदेश

टैगोर विद्या निकेतन में बच्चों की सेहत से खिलवाड़! गणतंत्र दिवस पर बांटा गया एक्सपायरी नाश्ता, शिक्षा व्यवस्था पर सवाल

राष्ट्रीय पर्व पर शर्मनाक लापरवाही, सैकड़ों बच्चों की जान जोखिम में, अभिभावकों में उबाल, शिक्षा विभाग ने जप्त किए बिल, कार्रवाई की आहट

गाडरवारा।
जहां पूरा देश 26 जनवरी को राष्ट्रीय गौरव और अनुशासन के साथ मना रहा था, वहीं गाडरवारा स्थित टैगोर विद्या निकेतन (T.V.N.) स्कूल में बच्चों की सेहत के साथ ऐसा खिलवाड़ सामने आया है, जिसने शिक्षा व्यवस्था की संवेदनशीलता पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है।

गणतंत्र दिवस के अवसर पर स्कूल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान सैकड़ों बच्चों को एक्सपायरी डेट की खाद्य सामग्री—नमकीन, चिप्स और गुड़ पट्टी—वितरित किए जाने का आरोप सामने आया है। यह मामला केवल लापरवाही नहीं, बल्कि सीधे-सीधे बच्चों के जीवन से खिलवाड़ माना जा रहा है।

एक्सपायरी नाश्ता, फिर भी बच्चों को खिलाया गया!

सूत्रों के अनुसार, कई बच्चों ने नाश्ते की गुणवत्ता को लेकर शिकायत की और बताया कि सामग्री से अजीब गंध आ रही थी और स्वाद खराब था। बावजूद इसके, स्कूल प्रबंधन ने स्थिति को गंभीरता से लेने के बजाय मामले को हल्के में टालने का प्रयास किया।

स्कूल संचालक के जवाब ने बढ़ाई गंभीरता

मामले पर स्कूल संचालक ने स्वीकार किया कि खाद्य सामग्री भोपाल से मंगवाई गई थी और कुछ आइटम एक्सपायरी हो चुके थे। हालांकि, उन्होंने यह कहकर जिम्मेदारी से बचने की कोशिश की कि “एक-दो बच्चों ने ही शिकायत की।”
सवाल यह है कि क्या एक भी बच्चे की सेहत से समझौता स्वीकार्य है?

शिक्षा विभाग मौके पर, दस्तावेज जप्त

मामले की सूचना मिलने पर शिक्षा अधिकारी स्वयं स्कूल पहुंचीं, जहां जांच के दौरान सामने आया कि संबंधित खाद्य सामग्री अक्टूबर माह में मंगवाई गई थी, जिसमें से कई आइटम अपनी वैधता अवधि पार कर चुके थे।
✔️ शिक्षा विभाग द्वारा खरीद से जुड़े बिल जप्त कर लिए गए हैं
✔️ पूरे मामले की रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेज दी गई है
✔️ जांच पूर्ण होने के बाद स्कूल प्रबंधन पर कार्रवाई की तैयारी की जा रही है

अभिभावकों में आक्रोश, सख्त कार्रवाई की मांग

घटना सामने आने के बाद अभिभावकों में जबरदस्त आक्रोश है। उनका साफ कहना है कि

“स्कूल बच्चों की सुरक्षा का जिम्मेदार होता है, न कि उनकी जान जोखिम में डालने का। यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो हम आंदोलन करेंगे।”

सबसे बड़ा सवाल

  • क्या स्कूल प्रबंधन बच्चों के स्वास्थ्य के प्रति जवाबदेह नहीं है?
  • क्या शिक्षा विभाग की निगरानी प्रणाली इतनी कमजोर है?
  • यदि कोई बच्चा बीमार पड़ जाता, तो जिम्मेदारी कौन लेता?

यह खबर चेतावनी है

यह रिपोर्ट किसी को बदनाम करने के उद्देश्य से नहीं, बल्कि बच्चों की सुरक्षा, शिक्षा व्यवस्था की जवाबदेही और प्रशासनिक कार्रवाई सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रकाशित की जा रही है।
यदि दोषियों पर कठोर कदम नहीं उठाए गए, तो यह लापरवाही कल किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।

 

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