जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुनीता पटेल ने उठाई आवाज़ — NTPC गाडरवारा से प्रभावित किसानों और श्रमिकों की 11 सूत्रीय मांगों के समाधान की मांग
कांग्रेस अध्यक्ष और पूर्व विधायक सुनीता पटेल ने एनटीपीसी गाडरवारा प्रबंधन व कलेक्टर नरसिंहपुर को पत्र लिखकर प्रभावित किसानों और श्रमिकों की 11 सूत्रीय मांगों का समाधान करने की अपील की।

गाडरवारा (नरसिंहपुर)। जिला कांग्रेस अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक श्रीमती सुनीता पटेल ने NTPC गाडरवारा परियोजना से प्रभावित किसानों और श्रमिकों की लंबित समस्याओं को लेकर बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने मुख्य महाप्रबंधक, एनटीपीसी गाडरवारा और जिला कलेक्टर नरसिंहपुर को पत्र लिखकर 11 सूत्रीय मांगों के शीघ्र निराकरण की मांग की है।
एनटीपीसी प्रभावित किसानों व श्रमिकों का चल रहा आंदोलन
कांग्रेस ने अपने पत्र में कहा कि एनटीपीसी प्रभावित किसान एवं श्रमिक संगठन कई दिनों से शांतिपूर्ण तरीके से अनिश्चितकालीन आंदोलन कर रहे हैं।
इनकी मांगे सीधे तौर पर किसानों और श्रमिकों के अधिकार, रोजगार, स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा और पुनर्वास से जुड़ी हैं।
सुनीता पटेल ने जताई चिंता, कहा – समाधान में देरी से बिगड़ेगा माहौल
श्रीमती सुनीता पटेल ने कहा कि,
“एनटीपीसी प्रशासन को इन मांगों पर गंभीरता से विचार कर तत्काल समाधान हेतु दिशा-निर्देश जारी करना चाहिए, ताकि आंदोलन समाप्त हो और औद्योगिक वातावरण सामान्य रहे।”
उन्होंने प्रशासन से अपेक्षा जताई कि किसानों और श्रमिकों की समस्याओं के निराकरण के लिए तत्काल विभागीय आदेश जारी किए जाएं, जिससे स्थिति और न बिगड़े।
11 सूत्रीय मांगों में शामिल हैं –
- प्रभावित किसानों को उचित मुआवज़ा और रोजगार की गारंटी
- स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता के आधार पर स्थायी नौकरी
- ठेका श्रमिकों को नियमितिकरण की मांग
- श्रमिकों के लिए स्वास्थ्य और बीमा सुविधा
- प्रभावित परिवारों का पूर्ण पुनर्वास
- परियोजना क्षेत्र में पेयजल, सड़क और बिजली व्यवस्था
- महिला श्रमिकों के लिए सुरक्षा और कल्याण योजनाएं
- अस्थायी मजदूरों के लिए न्यूनतम वेतन सुनिश्चित करना
- सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए पेंशन योजना
- श्रमिकों के लिए आवास निर्माण योजना
- किसानों की जमीनों के बदले रोजगार का वादा पूरा करना
कलेक्टर और एनटीपीसी प्रबंधन को सौंपा गया ज्ञापन
सुनीता पटेल ने कहा कि कांग्रेस पार्टी प्रभावित किसानों और श्रमिकों के साथ खड़ी है।
उन्होंने एनटीपीसी प्रबंधन और जिला प्रशासन से अनुरोध किया है कि वे इन न्यायोचित मांगों का शीघ्र समाधान करें, ताकि क्षेत्र में शांति और विकास दोनों कायम रह सकें।







