सोहागपुर की एसडीएम प्रियंका भलावी: सरकारी स्कूल से निकलकर बनीं सफलता की मिसाल, बच्चों को फ्री कोचिंग देकर करती थीं मदद

संवाददाता राकेश पटेल इक्का
सोहागपुर। मेहनत और संघर्ष से सफलता की नई कहानी लिखने वाली एसडीएम प्रियंका भलावी आज युवाओं के लिए प्रेरणास्त्रोत बन गई हैं। सरकारी स्कूल से पढ़ाई करने के बाद उन्होंने निरंतर मेहनत की और आज प्रशासनिक सेवा में अपनी पहचान बना चुकी हैं।
सरकारी कन्या विद्यालय से शुरुआत
प्रियंका भलावी की प्रारंभिक शिक्षा सरकारी कन्या विद्यालय से हुई। इस स्कूल ने उन्हें आत्मविश्वास और आत्मसम्मान दिया। यहां पढ़ाई के दौरान प्रियंका ने मेहनत और अनुशासन को अपनी आदत बना लिया, जिसका असर आगे की पढ़ाई और करियर पर साफ झलकता है।
जेएच कॉलेज से उच्च शिक्षा
आगे की पढ़ाई के लिए प्रियंका ने जेएच कॉलेज का रुख किया। यहां से उन्होंने कंप्यूटर साइंस में बीएससी और फिजिक्स में एमएससी की डिग्री हासिल की। कॉलेज जीवन में भी उन्होंने कठिन परिश्रम और लगन से पढ़ाई की। उनके प्रोफेसरों का कहना है कि प्रियंका हमेशा लक्ष्य-केन्द्रित और अनुशासित छात्रा रही हैं।
मेहनत और अनुशासन बना सफलता की कुंजी
प्रियंका भलावी बताती हैं कि उन्होंने पढ़ाई को अपनी दिनचर्या का अहम हिस्सा बना लिया था। वह रोज़ाना 8 से 10 घंटे पढ़ाई करती थीं। खास बात यह रही कि वह अपने पूरे दिन का अध्ययन लक्ष्य लिखकर अपनी स्टडी टेबल पर चिपका देती थीं और उसी के अनुसार मेहनत करती थीं।
बच्चों को दी फ्री कोचिंग
अपने सफर के दौरान प्रियंका ने सिर्फ खुद पर ध्यान नहीं दिया, बल्कि समाज की सेवा का भी बीड़ा उठाया। उन्होंने ज़रूरतमंद बच्चों के लिए फ्री कोचिंग क्लास शुरू की, ताकि वे भी अच्छी शिक्षा प्राप्त कर सकें और अपने सपनों को साकार कर सकें।
आज एसडीएम बनकर समाज सेवा में जुटीं
लगातार संघर्ष और मेहनत के बल पर प्रियंका भलावी ने एसडीएम का पद हासिल किया। आज वह समाज सेवा और प्रशासनिक कार्यों में पूरी निष्ठा से लगी हुई हैं। उनकी कहानी इस बात का जीता-जागता उदाहरण है कि सरकारी स्कूल से निकले छात्र भी अपने सपनों को साकार कर सकते हैं, बशर्ते मेहनत और लगन को अपना साथी बना लें।







