नर्मदा पुरम में त्योहारों के लिए प्रशासन सख्त, शांति और सुरक्षा के लिए किए गए विशेष इंतजाम
बैठक में आगामी त्योहारों को लेकर चर्चा की गई

संवाददाता राकेश पटेल इक्का
नर्मदा पुरम के कोतवाली थाने में गुरुवार को शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में आगामी त्योहारों को लेकर चर्चा की गई और शांति एवं सौहार्द बनाए रखने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णयों में पंडाल निर्माण, ध्वनि नियम, सीसीटीवी और वॉलंटियर की व्यवस्था शामिल है। पंडालों का निर्माण निर्धारित मापदंडों के अनुसार ही किया जाएगा और आयोजन स्थल पर प्रशासन से प्राप्त अनुमति पत्र सार्वजनिक रूप से लगाना अनिवार्य होगा।
नवरात्रि के दौरान डीजे पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा और रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक किसी भी प्रकार के ध्वनि यंत्रों का उपयोग नहीं किया जा सकेगा। सभी पंडालों में सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे और 24 घंटे वॉलंटियर की उपस्थिति सुनिश्चित की जाएगी।
प्रत्येक दुर्गा और शिव उत्सव समिति को आयोजन से पहले एक लिखित वचन पत्र देना होगा, जिसमें मूर्ति स्थापना, चल समारोह, विसर्जन की तारीख, समय और मार्ग की जानकारी तय प्रोफार्मा में संबंधित थाने को देनी होगी। इसके अलावा, त्योहार के दौरान पंडाल में आयोजित किसी भी कार्यक्रम की जानकारी आयोजन से कम से कम दो दिन पहले संबंधित थाने को देनी आवश्यक होगी।
कोतवाली थाना प्रभारी कंचन सिंह ठाकुर ने कहा कि शांति और सौहार्द बनाए रखने के लिए सभी आयोजकों को निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि पंडाल निर्माण मजबूत और सुरक्षित तरीके से किया जाना चाहिए ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
कंचन सिंह ठाकुर ने आगे कहा कि ध्वनि विस्तारक यंत्रों के नियमों का उल्लंघन करने पर आयोजन समिति, यंत्र संचालक और ऑपरेटर की पूरी जिम्मेदारी तय की जाएगी। उन्होंने आयोजकों से अपील की कि वे शांति और सौहार्द बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें।
कोतवाली थाना प्रभारी ने यह भी कहा कि त्योहारों के दौरान सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे और वॉलंटियर की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने आयोजकों से कहा कि वे अपने कार्यक्रमों की जानकारी समय पर प्रशासन को दें ताकि आवश्यक व्यवस्था की जा सके।
बैठक में सिटी मजिस्ट्रेट बृजेंद्र रावत, एसडीओपी जितेंद्र पाठक, कोतवाली थाना प्रभारी और अन्य अधिकारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। उन्होंने शांति और सौहार्द बनाए रखने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और आयोजकों से सहयोग की अपील की।







