नर्मदापुरम: शासकीय विधि महाविद्यालय द्वारा कन्या विद्यालय में विधिक जागरूकता शिविर आयोजित
नर्मदापुरम में विधि महाविद्यालय द्वारा कन्या स्कूल में विधिक जागरूकता शिविर आयोजित। छात्राओं को साइबर सुरक्षा, बाल अधिकार और संरक्षण कानूनों की जानकारी दी गई।

नर्मदापुरम। शासकीय विधि महाविद्यालय, नर्मदापुरम के विधिक सहायता प्रकोष्ठ द्वारा महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. कल्पना भारद्वाज के मार्गदर्शन में शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में एक दिवसीय विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में बाल अधिकार, साइबर सुरक्षा और ‘सबके लिए न्याय’ जैसे महत्वपूर्ण विषयों के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा।
विद्यालय परिवार ने कार्यक्रम की सराहना की
विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती अर्चना मिश्रा ने स्वागत भाषण देते हुए विधि महाविद्यालय की टीम की पहल की सराहना की और कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत आवश्यक हैं।

सायबर सुरक्षा पर विस्तृत सत्र
पहले सत्र में समिति की संयोजक कविता राजपूत (एलएलबी तृतीय वर्ष) ने छात्रों को बढ़ते साइबर अपराध, डिजिटल जोखिमों और सुरक्षित ऑनलाइन व्यवहार के बारे में विस्तार से बताया।
उन्होंने इन महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी दी—
- सोशल मीडिया सुरक्षा
- ओटीपी धोखाधड़ी
- साइबर बुलिंग
- पासवर्ड प्रोटेक्शन
- फिशिंग से बचाव
- हेल्पलाइन 1930 का उपयोग
विद्यार्थियों ने कई प्रश्न पूछे, जिनका उन्होंने प्रभावी समाधान प्रस्तुत किया।
बाल अधिकार और संरक्षण कानूनों पर मार्गदर्शन
दूसरे सत्र में रोशनी नरवरिया (एलएलबी तृतीय वर्ष) ने बाल अधिकारों, संविधान में बच्चों को मिले अधिकारों तथा प्रमुख कानूनों जैसे—
- किशोर न्याय अधिनियम
- बाल श्रम निषेध अधिनियम
- पॉक्सो एक्ट
- बाल विवाह निषेध कानून
पर सरल भाषा में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि “जागरूक बालिका ही भविष्य की सशक्त नागरिक बनती है।”
विधिक सशक्तिकरण पर संबोधन
इसके बाद आनंद सिंह (एलएलबी द्वितीय वर्ष) ने विधिक जागरूकता और कानून की समझ के महत्व पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम संचालन एवं सहयोग
- कार्यक्रम का संचालन जुगल किशोर भारतीय (एलएलबी तृतीय वर्ष) ने किया और संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक वाचन भी कराया।
- उत्तम गोलिया (एलएलबी तृतीय वर्ष) ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की।
- रोहित नोरिया (एलएलबी प्रथम वर्ष) ने फोटोग्राफी में विशेष सहयोग दिया।
अंत में सभी शिक्षकों, विद्यार्थियों और टीम सदस्यों का आभार व्यक्त किया गया।







