नरसिंहपुर: बापू के अपमान पर ग्राम पंचायत हर्रई मौन, गंदगी और गटर के बीच कैद राष्ट्रपिता की स्मारक

नरसिंहपुर। एक तरफ जहां केंद्र और राज्य सरकारें ‘स्वच्छ भारत अभियान’ के तहत करोड़ों रुपये पानी की तरह बहा रही हैं, वहीं नरसिंहपुर जिले से एक शर्मनाक तस्वीर सामने आई है। चांवरपाठा ब्लॉक की ग्राम पंचायत हर्रई में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्राचीन स्मारक आज अपनी बदहाली पर आंसू बहा रही है। सरपंच और सचिव की लापरवाही के चलते यह स्मारक गटर के पानी और कचरे के ढेर में तब्दील हो चुका है।
स्वच्छता अभियान की उड़ रही धज्जियां
ग्राम पंचायत हर्रई के मुख्य मार्ग पर स्थित गांधी जी की यह स्मारक वर्तमान में गंदगी का केंद्र बनी हुई है। स्मारक के चारों ओर गटर का गंदा पानी भरा हुआ है, जिससे न केवल बापू का अपमान हो रहा है, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट ‘स्वच्छता अभियान’ की भी सरेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।

मंदिर और स्कूल के पास लगा कचरे का अंबार
ग्रामीणों ने भारी आक्रोश जताते हुए कहा कि स्थानीय प्रशासन और पंचायत प्रतिनिधि गांधी जी के सम्मान को लेकर कतई गंभीर नहीं हैं। हैरानी की बात यह है कि इस स्मारक के ठीक बाजू में:
- श्री हनुमान जी का प्राचीन मंदिर है।
- शासकीय स्कूल संचालित है।
यहाँ से रोजाना मासूम बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं गुजरती हैं। स्मारक के पास जमा गंदे पानी और कचरे के कारण आसपास रहने वाले परिवारों में बीमारियां फैलने का डर बना हुआ है। पूरे गांव में जगह-जगह सड़क किनारे कचरे के बड़े-बड़े ढेर (घूरे) लगे हुए हैं, लेकिन सरपंच का इस ओर कोई ध्यान नहीं है।
जिम्मेदारों का क्या है कहना?
मामला मीडिया में आने के बाद प्रशासनिक गलियारों में हलचल शुरू हो गई है। जनपद सीईओ संतोष मॉडलिक ने बताया कि यह मामला उनके संज्ञान में आया है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि:
“स्मारक की इस स्थिति की जांच के लिए 3 सदस्यीय समिति का गठन किया गया है। समिति की समीक्षा रिपोर्ट के आधार पर दोषियों पर उचित कार्रवाई की जाएगी।”
अब देखना यह होगा कि इस खबर के प्रकाशन के बाद सोई हुई पंचायत व्यवस्था जागती है या राष्ट्रपिता का यह स्मारक यूं ही गटर के पानी में डूबा रहेगा।







