गाडरवारा में सनसनीखेज खुलासा: हत्या के प्रयास की निकली झूठी कहानी, मानसिक अवसाद में युवक ने खुद को पहुंचाई चोट
डोगरगाँव पुलिस की जांच में हुआ खुलासा

मुख्य बिंदु
- बसंत पाली ने चाकू से हमला होने की झूठी कहानी बताई
- मानसिक अवसाद में खुद को ब्लेड से किया घायल
- पुलिस ने जांच में किया बड़ा खुलासा
- डोगरगाँव थाना पुलिस ने मनगढ़ंत कहानी का पर्दाफाश किया
गाडरवारा/नरसिंहपुर। डोगरगाँव थाना क्षेत्र में दर्ज एक कथित हत्या प्रयास की कहानी पुलिस जांच में झूठी साबित हुई है। गांगई निवासी बसंत पाली ने बीते 30 सितंबर की रात अपने भाई को फोन कर बताया था कि उसे 4-5 अज्ञात लोगों ने एनटीपीसी रोड पर सुदरास पुल के आगे चाकू मारकर घायल कर दिया है। घटना की जानकारी मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे और घायल अवस्था में उसे गाडरवारा शासकीय अस्पताल ले जाया गया।
बसंत पाली ने पुलिस को बताया था कि मोटरसाइकिल से घर लौटते समय एक बाइक और कार सवार अज्ञात लोगों ने उसे घेरकर निजी अंग और जांघ पर चाकू से वार किया। उसकी रिपोर्ट पर थाना डोगरगाँव में अपराध क्रमांक 175/2025 धारा 126(2), 109, 3(5) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया।
जांच में हुआ बड़ा खुलासा
पुलिस अधीक्षक डॉ. ऋषिकेश मीणा और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संदीप भूरिया के निर्देशन तथा एसडीओपी गाडरवारा रत्नेश मिश्रा के पर्यवेक्षण में गठित विशेष टीम ने जांच की। अनुसंधान में सामने आया कि बसंत पाली शारीरिक कमजोरी की बीमारी से ग्रसित था और लंबे समय से मानसिक अवसाद में था।
30 सितंबर की रात उसने खुद ही सर्जिकल ब्लेड से चोट पहुंचाई और इसके बाद अपने भाई अनिल पाली को फोन पर झूठी जानकारी दी कि अज्ञात लोगों ने हमला किया है। घटना को छिपाने और पुलिस को गुमराह करने के लिए उसने मनगढ़ंत कहानी गढ़ दी।
जांच में शामिल अधिकारी
इस पूरे खुलासे में थाना प्रभारी डोगरगाँव निरीक्षक रोहित कुमार काकोडिया, थाना प्रभारी गाडरवारा निरीक्षक विक्रम रजक, थाना प्रभारी साईखेड़ा उप निरीक्षक प्रकाश पाठक, उपनिरीक्षक राहुल सोनकर, प्रधान आरक्षक भास्कर पटेल, रामगोपाल सिंह राजपूत, आरक्षक दिनेश पटेल, ऐश्वर्य वेंकट, आदर्श पाठक, सत्यसिंह, अंकलेश्वर प्रताप, सोनू सतारे, भुवनलाल तथा महिला आरक्षक गिनी तिवारी की विशेष भूमिका रही।







