गाडरवारा NTPC में राखड़ का पहाड़ खिसकने से युवक की मौत — सुरक्षा व्यवस्थाओं पर फिर उठे सवाल

गाडरवारा।
शनिवार सुबह गाडरवारा स्थित एनटीपीसी थर्मल पावर प्लांट में बड़ा हादसा हो गया। प्लांट परिसर में राखड़ भरने पहुंचे ट्रक चालक वीरेंद्र पिता नन्हेलाल चढ़ार (30), निवासी—ग्राम मुरारी, थाना बंडा, जिला सागर की राखड़ का पहाड़ अचानक खिसक जाने से मौत हो गई।
कैसे हुआ हादसा?
जानकारी के अनुसार, मृतक रोज की तरह सुबह ट्रक लेकर राख भरने पहुंचा था। जैसे ही उसने ट्रक खड़ा किया, पास में जमा हुआ राखड़ का बड़ा ढेर अचानक ध्वस्त हो गया। देखते ही देखते चालक राख के भीतर पूरी तरह दब गया। आसपास मौजूद श्रमिकों और लोगों ने उसे खोजने की कोशिश की, लेकिन उसे ढूंढने में 10–15 मिनट लग गए। जब तक उसे निकाला गया, वह अचेत अवस्था में था। तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया।
डोंगरगांव थाना प्रभारी प्रकाश पाठक ने बताया कि मामले में मर्ग कायम कर पोस्टमार्टम करवाया जा रहा है। हादसे के कारणों की पुष्टि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही की जा सकेगी।
सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल
स्थानीय लोगों और श्रमिकों का कहना है कि—
- एनटीपीसी में लगातार हो रहे हादसों की असल वजह लापरवाही और निगरानी की कमी है।
- हर बार हादसे के बाद मुआवजा देकर मामला खत्म कर दिया जाता है, लेकिन सुरक्षा मानकों में कोई सुधार नहीं होता।
- एनटीपीसी “हादसों का प्लांट” बनता जा रहा है।
- बड़े स्तर और प्रभाव के कारण जिम्मेदार अधिकारियों पर FIR तक नहीं होती, जिससे अनदेखी और बढ़ रही है।
राखड़ परिवहन वाहन भी बन चुके हैं खतरा
प्लांट से निकलने वाली राखड़ लेकर जाने वाले
डंपर, ट्रक और हाइवा तेज रफ्तार और मनमानी ड्राइविंग के कारण कई दुर्घटनाओं में जानें ले चुके हैं। इसके बावजूद:
- ना गति पर नियंत्रण,
- ना ट्रैकिंग सिस्टम,
- और ना ही सख्त निगरानी—
इन सबकी कमी से लगातार दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं।
स्थानीय लोगों में बढ़ता आक्रोश — गाडरवारा के लिए ‘अभिशाप’ बनता NTPC
लगातार हो रहे हादसों से लोगों में भय और आक्रोश बढ़ रहा है। राखड़ डाईक क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था कई बार सवालों में आई है।
लोगों का कहना है कि यदि NTPC प्रबंधन समय रहते सुरक्षा मानकों को कड़ाई से लागू नहीं करता, तो यह प्लांट भविष्य में और बड़ी त्रासदियों का कारण बन सकता है।







