तीन माह से क्षेत्र में विचरण कर रहे किशोर तेंदुए का रेस्क्यू, ग्रामीणों ने ली राहत की सांस

शैलेन्द्र गुप्ता/ भौंरा क्षेत्र में पिछले तीन महीनों से विचरण कर रहे एक किशोर तेंदुए को वन विभाग की टीम ने सोमवार को सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर लिया। तेंदुए की लगातार मौजूदगी के कारण क्षेत्र में भय और दहशत का माहौल बना था, शुक्रवार को ढाई बरसी बच्चे पर हमले के बाद भौरा ग्राम के आसपास के एरिया में दहशत का माहौल था लेकिन वन विभाग की त्वरित, सतर्क एवं योजनाबद्ध कार्रवाई से स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में आ गई।
वन विभाग की विशेष टीम ने विशेषज्ञों की निगरानी में रणनीति बनाकर तेंदुए को सुरक्षित रूप से पकड़ लिया। रेस्क्यू अभियान के दौरान न तो किसी ग्रामीण को कोई क्षति पहुंची और न ही तेंदुए को कोई चोट आई। पकड़े गए तेंदुए का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया है, जिसके बाद उसे सुरक्षित वन क्षेत्र में भेजने की प्रक्रिया जारी है।
तेंदुए के रेस्क्यू के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कुछ महीनों से खेतों और आबादी के आसपास तेंदुए के दिखने से भय का माहौल बना हुआ था, जिससे आमजन का दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा था।
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मानव-वन्यजीव संघर्ष को रोकना विभाग की प्राथमिकता है। भविष्य में क्षेत्र में निगरानी और गश्त बढ़ाई जाएगी, ताकि इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
इस सफल अभियान से न केवल क्षेत्र में शांति बहाल हुई है, बल्कि मानव-वन्यजीव द्वंद्व को नियंत्रित करने में वन विभाग की तत्परता, कार्यकुशलता और विशेषज्ञता भी एक बार फिर साबित हुई है।







