विदिशा स्कूल बस हादसा: 12 फीट ऊंचे पुल से नदी में गिरी बस, 47 बच्चों में 28 घायल, बड़ा हादसा टला
विदिशा जिले में शैक्षणिक भ्रमण पर जा रही स्कूल बस सगड़ नदी में गिरी। 47 बच्चों में 28 घायल, बस ओवरलोड और बिना परमिट थी।

विदिशा।मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में रविवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। शमशाबाद विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत नटेरन थाना इलाके के ग्राम जोहद के पास स्कूली बच्चों से भरी बस अनियंत्रित होकर सगड़ नदी के लगभग 12 फीट ऊंचे पुल से नीचे गिर गई। बस में कुल 49 स्कूली बच्चे सवार थे, जिनमें से करीब 28 बच्चे घायल हो गए। राहत की बात यह रही कि नदी में उस समय पानी नहीं था, जिससे जनहानि टल गई।
शैक्षणिक भ्रमण पर जा रही थी बस
जानकारी के अनुसार, हायर सेकेंडरी स्कूल बहादुरपुर के छात्र-छात्राएं और स्टाफ एक शैक्षणिक भ्रमण पर सांची जा रहे थे। बस सुबह करीब 8 बजे बहादुरपुर से रवाना हुई थी। हादसा सुबह करीब 10:30 बजे, बहादुरपुर से लगभग 80 किलोमीटर दूर जोहद पुल के पास हुआ।
संकरे पुल पर वाहन को साइड देने के दौरान हादसा
जोहद के पास सगड़ नदी का पुल काफी संकरा है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सामने से आ रहे वाहन को रास्ता देने के प्रयास में बस चालक ने बस को किनारे किया, इसी दौरान बस का संतुलन बिगड़ गया और वह सीधे पुल से नीचे सूखी नदी में जा गिरी। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
ग्रामीणों और शिक्षकों ने बच्चों को निकाला बाहर
हादसे के तुरंत बाद आसपास मौजूद ग्रामीण मदद के लिए आगे आए। बस में मौजूद शिक्षकों और चपरासी ने बच्चों को बस की खिड़कियों से बाहर निकालना शुरू किया। शिक्षक अशोक ठाकुर ने बताया कि हादसे के बाद चालक मौके से भाग गया, जबकि शिक्षकों और ग्रामीणों ने मिलकर बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला।

घायलों का इलाज जारी, हालत स्थिर
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासनिक अधिकारी और एम्बुलेंस मौके पर पहुंची। घायल बच्चों में से कुछ को गंजबासौदा सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि गंभीर रूप से घायल बच्चों को जिला अस्पताल विदिशा रेफर किया गया। डॉक्टरों के अनुसार सभी घायलों की हालत फिलहाल स्थिर है।
विधायक ने अस्पताल पहुंचकर जाना हाल
हादसे की जानकारी मिलते ही क्षेत्रीय विधायक हरि सिंह रघुवंशी अस्पताल पहुंचे और घायल बच्चों का हाल-चाल जाना। उन्होंने अधिकारियों को बच्चों के समुचित उपचार के निर्देश दिए।
ओवरलोड बस, दस्तावेज नहीं थे पूरे
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बस 35 सीटर थी, लेकिन उसमें 47 बच्चे, 5 शिक्षक और 1 चालक सवार थे। इसके अलावा बस के पास फिटनेस प्रमाण पत्र, बीमा और टूर/परिवहन परमिट भी नहीं था। पुलिस का यह भी कहना है कि बस चालक नशे की हालत में तेज रफ्तार से वाहन चला रहा था और हादसे के बाद फरार हो गया।
जांच जारी, दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई
पुलिस ने मौके का मुआयना कर लिया है और हादसे के कारणों की गहन जांच शुरू कर दी गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी और फरार चालक की तलाश तेज कर दी गई है।







