शासकीय कन्या शाला में वसंत पंचमी, तेजस्वी मेला एवं सुभाषचंद्र बोस जयंती समारोह सम्पन्न

गाडरवारा। शासकीय कन्या शाला में वसंत पंचमी के पावन अवसर पर सरस्वती पूजन, तेजस्वी मेला तथा नेताजी सुभाषचंद्र बोस जयंती का संयुक्त एवं गरिमामय आयोजन सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता नगरपालिका सभापति श्री सुरेंद्र गूजर ने की। इस अवसर पर आदि शक्ति साड़ी इंपोरियम के संचालक श्री मनोज वसा, सुश्री माधुरी श्रीवास्तव (ब्यूटी सैलून संचालिका) तथा यश दूगड़ (सौंदर्य प्रसाधन दुकान संचालक) विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्य श्री सुशील शर्मा द्वारा माँ सरस्वती के विधिवत पूजन से हुआ। पूजन उपरांत उन्होंने सरस्वती वंदना स्वरूप दोहों का सस्वर वाचन किया, जिसमें विद्या, विवेक और संस्कार की महत्ता को रेखांकित किया गया। उनके वाचन से सभागार में आध्यात्मिक एवं साहित्यिक वातावरण निर्मित हो गया।
अध्यक्षीय उद्बोधन में श्री सुरेंद्र गूजर ने कहा कि वसंत पंचमी ज्ञान और नवचेतना का पर्व है। उन्होंने बेटियों की शिक्षा को समाज के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला बताते हुए विद्यालय द्वारा आयोजित तेजस्वी मेले की सराहना की और इसे छात्राओं की प्रतिभा, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता को मंच देने वाला अभिनव प्रयास बताया।
विशिष्ट अतिथि श्री मनोज वसा ने अपने वक्तव्य में कहा कि तेजस्वी मेला छात्राओं के भीतर छिपी सृजनशीलता और उद्यमशील सोच को प्रोत्साहित करता है। ऐसे आयोजन बालिकाओं को आत्मनिर्भर बनने की दिशा में प्रेरित करते हैं।
सुश्री माधुरी श्रीवास्तव ने कहा कि शिक्षा के साथ कौशल विकास आज के समय की आवश्यकता है और तेजस्वी जैसे कार्यक्रम छात्राओं को अपने कौशल पहचानने का अवसर प्रदान करते हैं। यश दूगड़ ने छात्राओं को आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने और अपने हुनर को समाज के सामने लाने के लिए प्रेरित किया।
तेजस्वी मेले के अंतर्गत छात्राओं द्वारा विविध रचनात्मक, शैक्षणिक एवं कौशल आधारित गतिविधियों का प्रदर्शन किया गया, जिसे अतिथियों एवं उपस्थित जनों ने सराहा। साथ ही सुभाषचंद्र बोस जयंती के अवसर पर नेताजी के राष्ट्रप्रेम, त्याग और साहस को स्मरण करते हुए उनके विचारों को आत्मसात करने का आह्वान किया गया।
कार्यक्रम का संचालन डॉ मंजुला शर्मा ने कुशलता एवं गरिमा के साथ किया, वहीं आभार प्रदर्शन मालती मेहरा द्वारा किया गया। आयोजन के सफल संचालन में विद्यालय परिवार का सराहनीय योगदान रहा।
समारोह का समापन माँ सरस्वती के स्मरण, प्रेरणादायी संकल्पों और सकारात्मक ऊर्जा के साथ हुआ।







