जल संचय अभियान के तहत दूधी नदी में बोरी बंधान, 274 बोरियों से बनाया गया जल संरचना
नरसिंहपुर जिले के चीचली में जल संचय अभियान के तहत दूधी नदी में 274 बोरियों का बंधान, जन अभियान परिषद और नवांकुर संस्थाओं की पहल से जल संरक्षण को बढ़ावा।

बेलखेड़ी बसुरिया (गाडरवारा)।
मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद द्वारा संचालित जल संचय अभियान के अंतर्गत विकासखंड चीचली में दूधी नदी पर बोरी बंधान का महत्वपूर्ण कार्य किया गया। यह कार्यक्रम दिनांक 28 दिसंबर 2025 को सेक्टर क्रमांक-2 बसुरिया में नवांकुर संस्था हरदौल जन सेवा समिति बसुरिया एवं मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व क्षमता विकास पाठ्यक्रम के विद्यार्थियों के सहयोग से संपन्न हुआ।
ग्राम बेलखेड़ी बसुरिया स्थित दूधी नदी में कुल 274 बोरियों का बंधान तैयार किया गया, जिससे बहते जल को रोककर जल संरक्षण की दिशा में प्रभावी पहल की गई।
जनप्रतिनिधि व समाजसेवी रहे उपस्थित
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बाबई-चीचली जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती राधा बाई जी एवं श्री कमलेश जी आहिवार उपस्थित रहे।
विशिष्ट अतिथियों में जनपद सदस्य श्रीमती विनिता मेहरा, समाजसेवी शिक्षिका श्रीमती चित्रा पांडे, वृक्ष मित्र संस्था के संस्थापक योगेन्द्र सिंह, बागेश्वरी साहित्य से दीपक गुप्ता (शिक्षक), एनसीआई हाई स्कूल के प्राचार्य धनराज विश्वकर्मा, बाल कवयित्री गरिमा विश्वकर्मा, पर्यावरण प्रेमी सतीश कुमार सोनी एवं कवि पुरुषोत्तम मुख्त्यार शामिल रहे।
जल संरक्षण के बहुआयामी लाभ
यह बोरी बंधान कार्य मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद द्वारा चलाए जा रहे “जल संचय अभियान (15 से 31 दिसंबर 2025)” के अंतर्गत किया गया।
इसका मुख्य उद्देश्य—
- ग्रीष्मकाल में पशु-पक्षियों एवं मनुष्यों को जल उपलब्धता सुनिश्चित करना
- भूमिगत जल स्तर में वृद्धि
- आसपास के किसानों को कृषि सिंचाई हेतु जल उपलब्ध कराना
- सब्जी एवं तरबूज जैसी फसलों के उत्पादन को बढ़ावा देना
- कृषि रकबे एवं किसानों की आय में वृद्धि करना
सहभागियों का किया गया सम्मान
जल संचय अभियान में सक्रिय सहभागिता निभाने वाले प्रतिभागियों को नवांकुर संस्था हरदौल जन सेवा समिति बसुरिया द्वारा प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
बड़ी संख्या में रही सहभागिता
इस बोरी बंधान कार्य में मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद की विकासखंड समन्वयक सुश्री स्मिता दांडे, नवांकुर संस्था हरदौल जन सेवा समिति बसुरिया के अध्यक्ष रामकृष्ण राजपूत, सचिव रामेश्वर वर्मा, नवांकुर संस्था ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति भमका की अध्यक्ष श्रीमती नीरू राजपूत, नवांकुर माही संस्था से संतोष चौरसिया, स्वप्निल बड़ारया, पाठ्यक्रम परामर्शदाता पुखराज राजपूत, कुमारी राधा कीर, ईशा राजपूत सहित विभिन्न समितियों के सदस्य, छात्र-छात्राएं एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
कार्यक्रम ने जल संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के साथ सामुदायिक सहभागिता का सशक्त उदाहरण प्रस्तुत किया।







