पंचकुण्डीय रुद्र महायज्ञ में उमड़ी हजारों की भीड़, गौशाला को मिला उदार दान — रविवार को विशाल भंडारे का आयोजन

संवाददाता अवधेश चौकसे
सालीचौका/नरसिंहपुर। समीपस्थ बंदेमातरम आश्रम रेशम केंद्र के निकट बेरखैड़ी हार बसुरिया में जारी पंचकुण्डीय रुद्र महायज्ञ, रुद्री निर्माण एवं शिव महापुराण साप्ताहिक ज्ञान यज्ञ में शनिवार को भी भक्तों की जबरदस्त भीड़ उमड़ पड़ी। यज्ञ के अंतिम चरण में पंडाल में बैठने की जगह बढ़ाने के बाद भी भीड़ संभालना मुश्किल हो गया। अनुमान है कि पूरे दिन में 15 से 20 हजार से अधिक श्रद्धालु कथा श्रवण के लिए पहुंचे।
गौशालाओं को मिला चावल, गेहूं और नगद दान
बुंदेलखंड के प्रसिद्ध कथा व्यास, आचार्य गौपीठाधीश्वर महंत 108 श्री विपिन बिहारी जी के आवाहन पर श्रद्धालुओं ने गौशाला के लिए चावल, गेहूं और नगद राशि का मुक्तहस्त से दान किया।
यजमान मुन्ना वर्मा सहित अन्य सह-यजमानों ने शिवपुराण की विधिवत पूजा-अर्चना की।

कथावाचक विपिन बिहारी जी ने दिया विशेष संदेश
अंतिम दिवस की कथा में श्री विपिन बिहारी जी ने श्री गणेश उत्पत्ति प्रसंग पर दिव्य दृष्टांत सुनाया। इसी दौरान उन्होंने बसुरिया के श्री राधाकृष्ण मंदिर के जीर्णोद्धार का मुद्दा उठाते हुए कहा—
“गांव में यदि भगवान श्रीकृष्ण झोपड़ी में विराजें और लोग महलों में रहें, यह ठीक नहीं। मंदिर खंडहर नहीं होना चाहिए।”
उन्होंने द्वयार्थी व्यंग्य करते हुए कहा कि “जिस तरह मोहन ने अपने मामा (शिवराज) की स्थिति बदल दी, वैसी स्थिति किसी और के साथ न बने। इसलिए गांव के लोग श्री राधाकृष्ण मंदिर के जीर्णोद्धार में आगे आएँ।”

रविवार को विशाल भंडारा
आयोजकों के अनुसार रविवार को विशाल भंडारे का आयोजन रखा गया है। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद है।







