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सूखाखेरी के 45वें श्री विष्णु महायज्ञ में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, रामकथा से मिलती है सद्गुणों की शिक्षा — श्री रामस्वरूपाचार्य जी महाराज

धर्म की रक्षा के लिए प्रभु लेते हैं अवतार — अंकुश जी महाराज

संवाददाता: अवधेश चौकसे

सूखाखेरी (नरसिंहपुर)। समीपी ग्राम सूखाखेरी में आयोजित 45वां श्री विष्णु महायज्ञ एवं मानस सम्मेलन इन दिनों पूरे क्षेत्र में आस्था और भक्ति का केंद्र बना हुआ है। यज्ञ में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर यज्ञशाला की परिक्रमा कर रहे हैं तथा प्रवचनों का श्रवण कर पुण्य लाभ अर्जित कर रहे हैं।

यज्ञ के दौरान प्रतिदिन देव पूजन, हवन, आरती एवं अन्य धार्मिक अनुष्ठान विधि-विधान से संपन्न हो रहे हैं, जिससे पूरे क्षेत्र का वातावरण धर्ममय बना हुआ है।

रामकथा से मिलता है जीवन का मार्गदर्शन

यज्ञ के प्रवचन कार्यक्रम में श्री रामस्वरूपाचार्य, जगद्गुरु कामदगिरी पीठाधीश्वर, ने रामकथा का रसपान कराते हुए कहा कि रामकथा मनुष्य को सद्गुणों की शिक्षा देती है।

उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम को ‘मर्यादा पुरुषोत्तम’ क्यों कहा जाता है, यह समझने के लिए रामकथा का श्रवण अत्यंत आवश्यक है। भगवान राम के जीवन से हमें आदर्श आचरण, सत्यनिष्ठा और कर्तव्यपरायणता की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने अभिभावकों से आह्वान किया कि वे अपने बच्चों को रामायण पढ़ने और संस्कारों से जुड़ने की प्रेरणा दें।

अधर्म बढ़ने पर प्रभु लेते हैं अवतार

रात्रिकालीन प्रवचन में कथावाचक श्री अंकुश जी महाराज ने कहा कि जब-जब पृथ्वी पर अधर्म का प्रभाव बढ़ता है, तब धर्म की रक्षा के लिए प्रभु अवतार लेते हैं।

उन्होंने सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार पर जोर देते हुए कहा कि समाज में नैतिक मूल्यों और उच्च आचरण की आवश्यकता है। “हमारा अच्छा व्यवहार और श्रेष्ठ आचरण ही जीवन को उज्ज्वल बनाता है,” उन्होंने कहा।

अंकुश जी महाराज ने यह भी कहा कि यज्ञ जैसे धार्मिक आयोजन समाज में सुख-शांति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं।

पूरे क्षेत्र में बना धर्ममय वातावरण

45वें श्री विष्णु महायज्ञ के आयोजन से सूखाखेरी सहित आसपास के गांवों में आध्यात्मिक उत्साह देखने को मिल रहा है। श्रद्धालुओं की निरंतर उपस्थिति से आयोजन स्थल पर भक्ति और श्रद्धा का अद्भुत संगम दिखाई दे रहामहारा

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