पिपरिया में राजनीति की दुर्गंध: जब विचारों की जगह गोबर ने ले ली
कांग्रेस नेताओं के पोस्टरों पर गोबर पोते जाने से शहर में मचा हड़कंप, लोगों ने कहा — “यह राजनीति नहीं, संस्कारहीनता है”

संवाददाता राकेश पटेल इक्का
पिपरिया (मध्यप्रदेश):
नगर की सियासत में अब विचारों की जगह दुर्गंध ने ले ली है। रविवार सुबह कांग्रेस नेताओं के फ्लेक्स पोस्टरों पर किसी ने खुलेआम गोबर पोत दिया। यह हरकत सिर्फ पोस्टरों पर नहीं, बल्कि राजनीति की सूरत पर भी एक बदबूदार दाग छोड़ गई है।
घटना के बाद पूरे शहर में चर्चा फैल गई। लोग इस कृत्य को लेकर हैरान और नाराज़ हैं। सवाल उठ रहे हैं कि क्या यह किसी आंतरिक गुटबाजी का परिणाम था या विपक्ष की शरारत — फिलहाल यह जांच का विषय है। लेकिन इतना तय है कि यह घटना राजनीतिक संस्कारों का पतन दिखाती है।
“वो दौर कुछ और था…” – वरिष्ठ नागरिकों का दर्द

पिपरिया के वरिष्ठ नागरिकों ने इस घटना पर गहरी चिंता जताई। उनका कहना है, “वो दौर कुछ और था जब नेता विचारों से मुकाबला करते थे; अब तो सियासत की भाषा ही बिगड़ चुकी है।”
शहर के लोगों का कहना है कि जो नेता विचारों से खाली और आचरण से गिरा हुआ हो, वह जनता का भला कैसे करेगा?
लोकतंत्र की गरिमा पर सवाल
कभी सिद्धांतों और विचारों पर टिके लोकतंत्र में जब पोस्टरों पर गोबर फेंकने जैसी हरकतें होने लगें, तो यह लोकतंत्र की गरिमा के लिए गंभीर अपमान है।
यह घटना बताती है कि अब सुधार केवल नारों से नहीं, बल्कि चरित्र से लाना होगा।
नागरिकों की प्रतिक्रिया
लोग सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर विरोध जता रहे हैं। कई लोगों ने लिखा — “यह राजनीति नहीं, गंदगी है।”
कईयों ने प्रशासन से ऐसे कृत्य करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
निष्कर्ष
पिपरिया की यह घटना हमें याद दिलाती है कि लोकतंत्र की सफाई केवल सड़कों पर नहीं, बल्कि विचारों और व्यवहार में भी जरूरी है।
अगर राजनीति से मूल्य और मर्यादा खो जाएगी, तो लोकतंत्र की असली ताकत भी खतरे में पड़ जाएगी।







