करोड़ों की संपत्ति का त्याग कर नरसिंहपुर के कांकरिया परिवार ने लिया संन्यास, आध्यात्म के मार्ग पर चली पूरी फैमिली
नरसिंहपुर के कांकरिया परिवार ने 5 करोड़ की संपत्ति त्यागकर जैन मुनि सुब्रत स्वामी से दीक्षा ली। माता-पिता, डॉक्टर बेटी और सीए बेटे ने एक साथ अपनाया आध्यात्मिक जीवन।

नरसिंहपुर(पूजा मालवीय)। भौतिक सुख-सुविधाओं से भरी इस दुनिया में जहां आज अधिकांश लोग धन और ऐश्वर्य की ओर आकर्षित हैं, वहीं नरसिंहपुर के कांकरिया परिवार ने संसारिक मोह-माया को त्यागकर आध्यात्मिक जीवन का मार्ग चुन लिया है।
परिवार के चारों सदस्यों — दिनेश कांकरिया, अनामिका ओसवाल कांकरिया, बेटी हर्षिता (डॉक्टर) और बेटा विधान (सीए विद्यार्थी) — ने अपनी लगभग 5 करोड़ रुपये की संपत्ति का त्याग कर जैन दीक्षा ग्रहण की है।
जैन मुनि सुब्रत स्वामी से ली दीक्षा
9 नवंबर को आयोजित भव्य दीक्षा समारोह में कांकरिया परिवार ने जैन मुनि सुब्रत स्वामी जी से दीक्षा ग्रहण की। इस अवसर पर हजारों की संख्या में जैन समाज के श्रद्धालु उपस्थित रहे।
समारोह में जैन मुनि विनम्र सागर जी, पुण्यवर्धन जी और गुणवर्धन जी महाराज सहित कई संत मौजूद रहे।
दीक्षा से पूर्व परिवार की भव्य शोभायात्रा नरसिंहपुर नगर के प्रमुख मार्गों से निकाली गई, जिसमें श्रद्धालु बड़ी संख्या में शामिल हुए और पुष्पवृष्टि कर स्वागत किया।
परिवार की दूसरी पीढ़ी भी दे चुकी है दीक्षा
गौरतलब है कि कांकरिया परिवार में आध्यात्मिकता की परंपरा नई नहीं है। वर्ष 2022 में अनामिका कांकरिया की बड़ी बेटी ने भी सांसारिक जीवन का त्याग कर दीक्षा ली थी और अब वे साध्वी शाश्वत निधि के रूप में जैन समाज में सेवा कर रही हैं।
आध्यात्मिक त्याग की प्रेरक मिसाल
कांकरिया परिवार का यह निर्णय समाज में एक प्रेरक उदाहरण बन गया है। उन्होंने बताया कि भौतिक संपत्ति से अधिक आंतरिक शांति और आत्मज्ञान महत्वपूर्ण है।
परिवार का कहना है कि उन्होंने यह कदम मोक्षमार्ग की प्राप्ति और जीव कल्याण की भावना से प्रेरित होकर उठाया है।
भव्य आयोजन में उमड़ा जनसैलाब
दीक्षा समारोह के दौरान वातावरण में “जय जिनेंद्र” के जयघोष गूंजते रहे। महिलाओं ने मंगल कलश धारण कर शोभायात्रा में भाग लिया। बच्चों और बुजुर्गों ने भी इस ऐतिहासिक क्षण को देखने के लिए उत्साहपूर्वक भाग लिया।








