एमजीएम स्कूल सालीचौका में वार्षिकोत्सव का भव्य आयोजन, मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से बंधा समा

संवाददाता अवधेश चौकसे
सालीचौका, नरसिंहपुर।
स्थानीय अर्धशासकीय महात्मा गांधी मेमोरियल (एमजीएम) इंग्लिश मीडियम स्कूल में गत दिवस वार्षिकोत्सव समारोह का भव्य आयोजन हर्षोल्लास और उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता भरत पटेल ने की, जबकि प्रमोद पटेल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
छात्र-छात्राओं की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन
समारोह की शुरुआत मां सरस्वती के पूजन के साथ की गई। लगभग चार घंटे चले इस रंगारंग कार्यक्रम में विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने देशभक्ति, राष्ट्रीयता और सामाजिक मूल्यों से ओतप्रोत मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। नृत्य, गीत और नाट्य प्रस्तुतियों के माध्यम से बच्चों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया और देशप्रेम व सामाजिक चेतना का संदेश दिया।
पत्रकारों का किया गया सम्मान
इस अवसर पर विद्यालय प्रबंधन द्वारा नगर के सक्रिय और निष्पक्ष पत्रकारों का सम्मान भी किया गया।
सम्मानित पत्रकारों में —
- वरिष्ठ पत्रकार अवधेश चौकसे,
- नगर प्रेस क्लब अध्यक्ष राजीव राय,
- युवा पत्रकार उमेश पाली शामिल रहे।
विद्यालय परिवार द्वारा पत्रकारों के सामाजिक योगदान और निष्पक्ष पत्रकारिता की सराहना की गई।
अतिथियों का पुष्पहार से स्वागत
कार्यक्रम में विद्यालय के प्राचार्य शैलेश शर्मा ने आमंत्रित अतिथियों का पुष्पहार से स्वागत किया। समारोह के दौरान विद्यालय समिति अध्यक्ष भरत कुमार पटेल, सह-सचिव प्रमोद कुमार पटेल, समिति सदस्य मदनलाल श्रीवास्तव, पार्षद गणेश प्रसाद शर्मा सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
गणमान्य नागरिकों की रही गरिमामय उपस्थिति
कार्यक्रम में नगर प्रेस क्लब अध्यक्ष राजीव राय, अनुपम राय, वरिष्ठ पत्रकार अवधेश चौकसे, युवा पत्रकार उमेश पाली, बबलू चौकसे, सुनील राय, आनंद कुमार गुप्ता, मनीष कुमार गुप्ता, संतोष कुमार चौकसे, अभिषेक कुमार चौकसे, शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के प्रभारी प्राचार्य जगदीश प्रसाद मेहरा, आनंद कुमार पटेल, विनोद कुमार पटेल (खैरुआ) सहित बड़ी संख्या में अभिभावक उपस्थित रहे।
सफल आयोजन की सराहना
कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित अतिथियों और अभिभावकों ने बच्चों की प्रतिभा, विद्यालय के अनुशासन और आयोजन की भूरी-भूरी प्रशंसा की। वार्षिकोत्सव ने यह सिद्ध किया कि एमजीएम स्कूल शिक्षा के साथ-साथ संस्कार और सांस्कृतिक मूल्यों के निर्माण में भी अग्रणी भूमिका निभा रहा है।







