नरसिंहपुर में नशे के कारोबार पर सबसे बड़ी कार्रवाई: OPERATION EAGLE CLAW में दो आरोपी गिरफ्तार, भारी मात्रा में अवैध इंजेक्शन जब्त
नरसिंहपुर पुलिस ने “OPERATION EAGLE CLAW” के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को 60 अवैध नशीले इंजेक्शन, सिरिंज और नीडल के साथ गिरफ्तार किया। SP डॉ. ऋषिकेश मीना के निर्देशन में जिले में नशे के खिलाफ कड़ा अभियान जारी।

नरसिंहपुर। जिले में अवैध नशीली दवाओं के खिलाफ चलाए जा रहे पुलिस अभियान “OPERATION EAGLE CLAW” के तहत पुलिस ने 5 दिसंबर को एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. ऋषिकेश मीना के निर्देशन में की गई इस कार्रवाई में दो लोगों को अवैध इंजेक्शन और मेडिकल सामग्री के बड़े जखीरे के साथ गिरफ्तार किया गया है। यह जिले में अब तक मादक दवाओं के खिलाफ की गई सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है।
कैसे मिली सूचना — पुलिस ने शुरू किया विशेष ऑपरेशन
पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि कुछ लोग जिले में अवैध नशीली दवाओं की सप्लाई करने की फिराक में हैं। सूचना की पुष्टि होने पर पुलिस अधीक्षक ने तत्काल कोतवाली पुलिस और विशेष टीम को सतर्क करते हुए मॉनिटरिंग बढ़ाने के निर्देश दिए।
टीम ने संदिग्ध व्यक्तियों की गतिविधियों पर नज़र रखी और निश्चित समय पर छापामार कार्रवाई की गई।
गिरफ्तार आरोपी और उनके ठिकाने
पुलिस ने जिन दो आरोपियों को गिरफ्त में लिया, उनके नाम हैं—
- अजय महोबिया
- निवासी: गणेश नगर, बरगी कॉलोनी
- थाना: स्टेशनगंज
- सुरेंद्र उर्फ़ छुट्टन रजक
- निवासी: काछी मोहल्ला, शंकर वॉर्ड
- थाना: कोतवाली
दोनों आरोपियों के तार जिले में नशीली दवाओं के अवैध वितरण नेटवर्क से जुड़े होने की आशंका है। पुलिस उनकी गतिविधियों के पुराने रिकॉर्ड भी खंगाल रही है।
बरामद की गई अवैध सामग्री

छापेमारी के दौरान जो सामग्री जप्त की गई, वह किसी बड़े नेटवर्क की ओर संकेत करती है:
- 60 अवैध इंजेक्शन
- क्लोरफेनिरामाइन मेलीवेट
- फेनिरामाइन मेलीवेट
- भारी मात्रा में सिरिंज
- नीडल
- इसके अलावा कुछ और रैपर व कवर भी जब्त किए गए, जिन्हें नशीली दवाओं की अवैध बिक्री में उपयोग किया जाता था।
इन दवाओं का उपयोग अक्सर नशे की लत पूरी करने के लिए किया जाता है, जिससे युवाओं में तेजी से लत और शारीरिक नुकसान बढ़ता है।
आरोपियों पर दर्ज किए गए मामले
दोनों आरोपियों के खिलाफ निम्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है—
- धारा 5/13 मप्र ड्रग कंट्रोल अधिनियम
- धारा 331(4), 305(e) BNS (भारतीय न्याय संहिता)
इन धाराओं में कड़ी सजा का प्रावधान है, जिसमें लंबी जेल सजा और भारी जुर्माना शामिल है।
OPERATION EAGLE CLAW के लक्ष्य
जिले में बढ़ते नशे के खतरे को गंभीरता से लेते हुए इस अभियान के जरिए पुलिस कई उद्देश्यों पर काम कर रही है—
- युवाओं को नशे की लत से बचाना
- नशीली दवाओं और इंजेक्शन के अवैध व्यापार पर रोक
- तस्करों और सप्लायरों की पहचान कर गिरफ्तारी
- नशामुक्त समाज की दिशा में जागरूकता बढ़ाना
- मेडिकल स्टोर्स पर दवाओं की मॉनिटरिंग सख्त करना
अभियान की शुरुआत से अब तक पुलिस कई तस्करों को गिरफ्तार कर चुकी है और अवैध सामग्रियों की कई खेप पकड़ी जा चुकी हैं।
इन अधिकारियों का रहा अहम योगदान
इस विशेष अभियान में थाना कोतवाली और अन्य पुलिसकर्मियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई:
- निरीक्षक गौरव चांटे
- उपनिरीक्षक संजय सूर्यवंशी
- आरक्षक नीलेश दुबे
- आरक्षक उमेश्वर पाठक
- आरक्षक कुलदीप साहू
- आरक्षक राहुल दुबे
- आरक्षक अभय तिवारी
- आरक्षक श्रेय अवस्थी
इनकी सक्रियता और सतर्कता से यह बड़ी सफलता संभव हो सकी।
युवाओं में नशे के दुष्प्रभाव — पुलिस का विशेष संदेश
पुलिस ने इस मौके पर अवैध इंजेक्शन और ड्रग्स के दुष्प्रभावों के बारे में भी चेतावनी दी:
- एचआईवी/एड्स सहित कई संक्रमण का खतरा
- नसों, त्वचा और आंतरिक अंगों पर गंभीर नुकसान
- लिवर, हृदय और किडनी पर खतरनाक प्रभाव
- मानसिक तनाव, अवसाद और शारीरिक कमजोरी
- तेज़ी से बढ़ती नशे की लत
- ओवरडोज़ से मौत तक की संभावना
SP डॉ. ऋषिकेश मीना की अपील
पुलिस अधीक्षक ने कहा—
- माता-पिता बच्चों की गतिविधियों पर विशेष नज़र रखें
- बच्चों को नशे के दुष्प्रभाव समझाएं
- किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें
- मेडिकल दुकानें बिना पर्ची और बिना रिकॉर्ड के इंजेक्शन/दवाएं न बेचें
- समाज मिलकर नशामुक्त वातावरण तैयार करे
यह पूरी कार्रवाई नरसिंहपुर पुलिस की प्रतिबद्धता और नशे के खिलाफ मजबूत संकल्प का बड़ा उदाहरण है। जिले में नशे के नेटवर्क को तोड़ने की दिशा में यह ऑपरेशन आगे भी जारी रहेगा।







