सालीचौका में शराबियों और असामाजिक तत्वों का आतंक: ठेले में तोड़फोड़ से भड़का गुस्सा, पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल
सालीचौका में शराबियों और असामाजिक तत्वों का आतंक, कुल्फी ठेला संचालक के साथ मारपीट और तोड़फोड़ की घटना से नगरवासियों में आक्रोश, पुलिस पर उठे सवाल।

संवाददाता अवधेश चौकसे
सालीचौका (नरसिंहपुर): नगर में इन दिनों कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। शराबियों और असामाजिक तत्वों का बढ़ता आतंक आम नागरिकों के लिए बड़ी परेशानी बनता जा रहा है। हालात ऐसे हैं कि शाम होते ही कई इलाके असामाजिक गतिविधियों के अड्डे बनते नजर आ रहे हैं।
ठेले वाले के साथ गुंडागर्दी, तोड़फोड़ की घटना
बीती रात रेता मोहल्ला में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई, जहां बाहर से आए एक कुल्फी ठेला संचालक के साथ बदसलूकी की गई।
- पहले कुछ युवकों ने जबरन मुफ्त में कुल्फी खाई
- पैसे मांगने पर विवाद किया
- इसके बाद ठेले में जमकर तोड़फोड़ कर दी
घटना की सूचना तुरंत डायल 100 को दी गई, लेकिन अब तक आरोपियों पर सख्त कार्रवाई नहीं होने से लोगों में भारी नाराजगी है।
शहर के कई इलाकों में खुलेआम शराबखोरी
स्थानीय लोगों के मुताबिक नगर के कई स्थानों पर खुलेआम शराबखोरी हो रही है, जिनमें प्रमुख हैं:
- मंडी रोड
- हाईस्कूल के पीछे कन्या शाला क्षेत्र
- शराब ठेके के आसपास
- डांग, अमाडा रोड और तालाब किनारा
- बिजली ऑफिस के पास आम बगीचा
- बाँसुरिया रोड
इन स्थानों पर शाम ढलते ही शराबियों की महफिलें सजने लगती हैं, जिससे आमजन खासकर महिलाएं और छात्राएं खुद को असुरक्षित महसूस कर रही हैं।
नगरवासियों में बढ़ रहा आक्रोश
लगातार बढ़ रही घटनाओं से नगरवासियों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। लोगों का कहना है कि:
- असामाजिक तत्वों पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही
- पुलिस की मौजूदगी कम नजर आती है
- शिकायतों के बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है
कानून व्यवस्था पर सवाल
नगर में बिगड़ती स्थिति को देखते हुए अब पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो हालात और बिगड़ सकते हैं।

बड़ा सवाल: कब लगेगी लगाम?
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि सालीचौका में बढ़ती आपराधिक गतिविधियों और शराबियों के आतंक पर पुलिस कब और कैसे लगाम लगाएगी?
नगरवासी सख्त कार्रवाई और नियमित पेट्रोलिंग की मांग कर रहे हैं।
निष्कर्ष
सालीचौका में बढ़ती अव्यवस्था और असामाजिक तत्वों की गतिविधियां चिंता का विषय बन चुकी हैं। अगर प्रशासन ने जल्द ही सख्त कदम नहीं उठाए, तो यह समस्या और गंभीर रूप ले सकती है।







