मध्य प्रदेश

मां नर्मदा प्रकटोत्सव की तैयारियों में प्रशासन सक्रिय, मॉक ड्रिल में उजागर हुईं व्यवस्थागत कमियां

नर्मदापुरम में मां नर्मदा प्रकटोत्सव 2026 की तैयारियों के बीच मॉक ड्रिल में व्यवस्थागत कमजोरियां सामने आईं। कलेक्टर सोनिया मीना और एसपी साई कृष्ण थोटा की सख्ती से सुधार की उम्मीद।

संवाददाता राकेश पटेल इक्का

नर्मदापुरम।

जिले में मां नर्मदा प्रकटोत्सव के भव्य आयोजन को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं, लेकिन हाल ही में हुई मॉक ड्रिल के दौरान सामने आई व्यवस्थागत कमजोरियों ने जमीनी हकीकत को उजागर कर दिया है। दो दिवसीय मां नर्मदा प्रकटोत्सव 24 और 25 जनवरी 2026 को आयोजित किया जाएगा, जिसमें 25 जनवरी की संध्या को सेठानी घाट पर मुख्य कार्यक्रम प्रस्तावित है। इस आयोजन में प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने की संभावना है, जिससे कार्यक्रम की संवेदनशीलता और अधिक बढ़ गई है।

शनिवार को कलेक्टर सुश्री सोनिया मीना एवं पुलिस अधीक्षक श्री साई कृष्ण एस. थोटा की उपस्थिति में संपूर्ण व्यवस्थाओं की मॉक ड्रिल आयोजित की गई। मॉक ड्रिल के दौरान हेलीपैड से सर्किट हाउस, जलपरी मार्ग होते हुए सेठानी घाट तक अतिथि आगमन, जलमंच पर पूजन-अभिषेक, सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ नियंत्रण का व्यावहारिक परीक्षण किया गया।

समन्वय की कमी बनी बड़ी समस्या

मॉक ड्रिल के दौरान विभागों के बीच समन्वय की कमी स्पष्ट रूप से सामने आई। वायरलेस संचार में बार-बार व्यवधान, पार्किंग स्थलों को लेकर भ्रम की स्थिति और मौके पर तैनात कुछ अधिकारियों की तैयारी में ढिलाई देखी गई। इन खामियों पर कलेक्टर सोनिया मीना ने कड़ी नाराजगी जताते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि वास्तविक कार्यक्रम के दिन किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

भीड़ प्रबंधन प्रशासन के लिए चुनौती

श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए भीड़ प्रबंधन प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनकर उभरा है। सेठानी घाट जैसे संवेदनशील जल-आधारित स्थल पर जलस्तर, फिसलन और नावों की आवाजाही को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त सतर्कता के निर्देश दिए गए हैं। एसडीआरएफ, गोताखोर दल, पायलट बोट और पेट्रोलिंग बोट्स की तैनाती के निर्देश प्रशासन द्वारा दिए गए हैं।

 

नेटवर्क और कंट्रोल रूम पर विशेष फोकस

पिछले वर्षों के अनुभवों को देखते हुए मोबाइल नेटवर्क की समस्या को भी गंभीरता से लिया गया। मॉक ड्रिल के दौरान कलेक्टर ने नेटवर्क बूस्टर लगाने के निर्देश दिए और कंट्रोल रूम का निरीक्षण कर सभी कार्यपालिक मजिस्ट्रेट और सेक्टर अधिकारियों को लगातार संपर्क में रहने के निर्देश दिए।

प्रशासनिक सख्ती से सुधार की उम्मीद

कलेक्टर सोनिया मीना की सक्रियता और सख्त रवैये को प्रशासनिक दृष्टि से सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। उन्होंने विद्युत आपूर्ति, यातायात, पार्किंग, स्वच्छता और सुरक्षा व्यवस्थाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। जलमंच पर केवल पासधारी और सूचीबद्ध व्यक्तियों को ही प्रवेश देने का आदेश प्रशासन की गंभीरता को दर्शाता है।

इस अवसर पर पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एवं विधायक श्री सीतासरन शर्मा, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती नीतू यादव सहित अन्य जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक कर आयोजन की रूपरेखा पर चर्चा की गई। पुलिस अधीक्षक श्री साई कृष्ण एस. थोटा ने भी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं।

कुल मिलाकर, मां नर्मदा प्रकटोत्सव को लेकर प्रशासन की तैयारियां गंभीर हैं, लेकिन मॉक ड्रिल में सामने आई कमियां यह संकेत देती हैं कि जमीनी स्तर पर अभी और सुधार की आवश्यकता है। आने वाले दिनों में प्रशासनिक निगरानी और समन्वय ही इस आयोजन की सफलता तय करेगा।

 

 

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