शासकीय विद्यालय बघुवार में श्रद्धा व उत्साह के साथ मनायी गई स्वामी विवेकानंद जी की जन्म जयंती एवं राष्ट्रीय युवा दिवस

संवाददाता पूजा मालवीय
करेली। भारत के महान संत, विचारक, दार्शनिक एवं युवाओं के प्रेरणास्रोत स्वामी विवेकानंद जी का जन्मदिन राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बघुवार में गरिमामय वातावरण में मनाया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में शारीरिक, मानसिक एवं नैतिक विकास के साथ राष्ट्रभक्ति एवं आत्मविश्वास का संचार करना रहा।
कार्यक्रम की शुरुआत स्वामी विवेकानंद जी के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ की गई। इसके पश्चात विद्यार्थियों एवं शिक्षकों द्वारा सामूहिक सूर्य नमस्कार किया गया। सूर्य नमस्कार के माध्यम से विद्यार्थियों को स्वास्थ्य, अनुशासन एवं सकारात्मक ऊर्जा का संदेश दिया गया।
इस अवसर पर वक्ताओं ने स्वामी विवेकानंद जी के जीवन दर्शन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वे शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक रूप से सशक्त युवाओं के पक्षधर थे। उन्होंने युवाओं को आत्मबल, आत्मविश्वास और निरंतर कर्म का मार्ग दिखाया। उनके विचार—“उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य की प्राप्ति न हो”—आज भी युवाओं के लिए पथप्रदर्शक हैं।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने भाषण एवं विचार प्रस्तुति के माध्यम से स्वामी विवेकानंद जी के आदर्शों को साझा किया। शिक्षकों ने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे नियमित व्यायाम, सूर्य नमस्कार, अनुशासन एवं चरित्र निर्माण को अपने जीवन का अभिन्न अंग बनाएं।
कार्यक्रम के अंत में सभी विद्यार्थियों ने स्वामी विवेकानंद जी के आदर्शों को अपनाने, स्वस्थ जीवन शैली अपनाने तथा समाज एवं राष्ट्र के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य, समस्त शिक्षकगण, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम प्रेरणादायी एवं अनुशासित वातावरण में संपन्न हुआ।







