सुर सम्राट मोहम्मद रफी का जन्मदिन गाडरवारा में हर्षोल्लास से मनाया गया, तराना म्यूजिकल ग्रुप ने दी स्वरांजलि
Mohammed Rafi Jayanti 2025: गाडरवारा में सुर सम्राट मोहम्मद रफी साहब का जन्मदिन तराना म्यूजिकल ग्रुप द्वारा गीतों की स्वरांजलि और केक काटकर हर्षोल्लास से मनाया गया।

गाडरवारा Mohammed Rafi Jayanti
महान गायक सुर सम्राट मोहम्मद रफी साहब का जन्मदिन गाडरवारा नगर के पटेल वार्ड स्थित प्रेम कुमार कोरी के निज निवास पर अत्यंत श्रद्धा, संगीत और उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर तराना म्यूजिकल ग्रुप गाडरवारा के गायक–गायिकाओं ने रफी साहब के सदाबहार गीतों की प्रस्तुति देकर उन्हें भावभीनी स्वरांजलि अर्पित की।
मां सरस्वती और रफी साहब के चित्र पर हुआ दीप प्रज्वलन
कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन, पुष्प अर्पण एवं तिलक वंदन से हुई। इसके पश्चात मोहम्मद रफी साहब के छायाचित्र पर तिलक व पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई।
सदाबहार गीतों से सजी संगीतमय शाम
कार्यक्रम का आगाज़ प्रेम कोरी द्वारा प्रस्तुत गीत “शिरडी वाले साईं बाबा” एवं “बार-बार दिन ये आए” से हुआ। इसके बाद एक के बाद एक रफी साहब के अमर गीतों की प्रस्तुति दी गई—
- “तुझे जीवन की डोर से बांध लिया है” – खुशबू प्रजापति, नरेश कौरव
- “चुरा लिया है तुमने जो दिल को”, “चला भी आ आजा रसिया” – संध्या कहार, प्रेम कोरी
- “साथिया नहीं जाना के जी ना लगे” – भूपेंद्र कौरव, खुशबू प्रजापति
- “चल उड़ जा रे पंछी” – शिक्षक राजेश गुप्ता
इसके अलावा
“कौन है जो सपनों में आया”, “तेरी जवानी तपता महीना”, “यूँ ही तुम मुझसे बात करती हो”, “चली चली रे पतंग”, “अकेले हैं चले आओ”, “मुझे तेरी मोहब्बत का सहारा”, “तुम मुझे यूँ भुला न पाओगे”, “क्या हुआ तेरा वादा”, “नफरत की दुनिया को छोड़ के खुश रहना मेरे यार”, “परदेसियों से ना अखियां मिलाना”, “एक परदेसी मेरा दिल ले गया”, “तुझको पुकारे मेरा प्यार”, “मुझे इश्क है तुझी से”, “ओ मेरी महबूबा”, “दूर रहकर ना करो बात” जैसे अनेक गीतों ने श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया।
देर रात तक चला गीतों का सिलसिला
गीतों की यह अनवरत श्रृंखला देर रात्रि तक चलती रही। कार्यक्रम को सफल बनाने में साउंड ऑपरेटर राहुल कोरी, ऋषभ कोरी, जयदीप कोरी एवं अबरार खान का विशेष योगदान रहा।
कार्यक्रम के समापन पर जयदीप कोरी ने भी एक सुमधुर गीत की प्रस्तुति दी।
केक काटकर मनाया गया रफी साहब का जन्मदिन
अंत में राघव कोरी द्वारा केक काटा गया और सभी उपस्थित अतिथियों व कलाकारों को केक खिलाया गया। सभी ने संगीतमय वातावरण में कार्यक्रम का भरपूर आनंद लिया और सुर सम्राट मोहम्मद रफी साहब को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की।







