लोक-शांति पर सख्त प्रहार: झाबुआ कलेक्टर ने तीन आदतन अपराधियों को 6 माह के लिए किया जिला बदर
झाबुआ में कानून व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कलेक्टर नेहा मीना ने तीन आदतन अपराधियों को 6 माह के लिए जिला बदर किया। MP राज्य सुरक्षा अधिनियम के तहत बड़ी कार्रवाई।

संवाददाता रमेश कुमार सोलंकी
झाबुआ।
जिले में कानून व्यवस्था और लोक-शांति बनाए रखने के उद्देश्य से कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी नेहा मीना ने कड़ा कदम उठाते हुए तीन आदतन अपराधियों को छह माह के लिए जिला बदर करने के आदेश जारी किए हैं। यह कार्रवाई मध्यप्रदेश राज्य सुरक्षा अधिनियम, 1990 की धारा 5 (क, ख) के अंतर्गत की गई है।
जारी आदेश के अनुसार कैलाश उर्फ भोला, रामुनाथ कालबेलिया एवं लोकेन्द्र उर्फ लच्छु चौहान को आदेश प्राप्त होने के 24 घंटे के भीतर झाबुआ जिले की राजस्व सीमा सहित धार, रतलाम, आलीराजपुर एवं बड़वानी जिलों की सीमाओं से बाहर जाना अनिवार्य होगा। यह प्रतिबंध आगामी छह माह तक प्रभावशील रहेगा। इस अवधि में बिना सक्षम न्यायालय की पूर्व लिखित अनुमति के इन क्षेत्रों में प्रवेश पूर्णतः निषिद्ध रहेगा।
पुलिस प्रतिवेदन के आधार पर कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक झाबुआ द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन के अनुसार—
कैलाश उर्फ भोला भाटी (उम्र 40 वर्ष), थाना पेटलावद का पंजीबद्ध गुंडा है। वर्ष 2004 से इसके विरुद्ध मारपीट, रंगदारी, जुआ-सट्टा एवं आबकारी से जुड़े कई अपराध दर्ज हैं। प्रतिबंधात्मक कार्रवाइयों के बावजूद इसके व्यवहार में कोई सुधार नहीं हुआ, जिससे आमजन भयभीत हैं।
रामुनाथ कालबेलिया, निवासी बामनिया, वर्ष 2002 से भूमि विवाद, मारपीट, अवैध कब्जा एवं दुर्लभ जाति के सर्पों के अवैध व्यापार जैसे गंभीर अपराधों में संलिप्त रहा है। हाल ही में थाना पेटलावद एवं थाना थांदला में इसके विरुद्ध गंभीर प्रकरण दर्ज हुए हैं।
लोकेन्द्र उर्फ लच्छु चौहान (उम्र 39 वर्ष), थाना कोतवाली झाबुआ क्षेत्र में वर्ष 2015 से सक्रिय है। इसके विरुद्ध लड़ाई-झगड़ा एवं जुआ-सट्टा से संबंधित 10 से अधिक अपराध दर्ज हैं। बार-बार की गई प्रतिबंधात्मक कार्रवाई भी इसे अपराध से नहीं रोक सकी।
प्रशासन का सख्त संदेश
प्रशासन का मानना है कि इन तीनों की निरंतर आपराधिक गतिविधियों से जिले में भय और अशांति का माहौल बन रहा था। ऐसे में लोक-शांति, सामाजिक सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला बदर की कार्रवाई आवश्यक पाई गई।







