वीडियो में दिखी सख्ती और समझदारी, इटारसी की यातायात व्यवस्था को नई दिशा दे रहीं आरटीओ श्रीमती रिकू शर्मा
मौके पर उतरकर हर बिंदु पर नजर, आने वाले खतरों को पहले पहचानना और समय पर निर्णय—श्रीमती रिकू शर्मा की कार्यशैली बनी भरोसे की मिसाल

संवाददाता राकेश पटेल इक्का
इटारसी।
नए बस स्टैंड को लेकर सामने आया वीडियो केवल एक प्रशासनिक निरीक्षण नहीं, बल्कि एक जिम्मेदार और दूरदर्शी अधिकारी की सोच का साफ प्रतिबिंब है। क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी श्रीमती रिकू शर्मा जिस गंभीरता और सूझबूझ के साथ मौके पर व्यवस्थाओं को परखती नजर आईं, उसने यह साबित कर दिया कि इटारसी की यातायात व्यवस्था अब अनुभव और समझ के हाथों में है।
वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि श्रीमती रिकू शर्मा बसों की आवाजाही, यात्रियों की सुरक्षा, पार्किंग व्यवस्था और संभावित अव्यवस्था के हर पहलू पर बारीकी से नजर रख रही हैं। वे सिर्फ वर्तमान हालात तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि यह भी आकलन करती दिखीं कि आने वाले दिनों में किन जगहों पर समस्या खड़ी हो सकती है और उसे अभी से कैसे रोका जाए।
जब से श्रीमती रिकू शर्मा ने आरटीओ के रूप में जिम्मेदारी संभाली है, तब से यातायात व्यवस्था को लेकर प्रशासनिक सक्रियता साफ नजर आने लगी है। ओवरब्रिज पर बस रोकने से होने वाले हादसों की आशंका हो या बाजार क्षेत्र में अवैध स्टॉपेज से लगने वाला जाम—उन्होंने हर खतरे को समय रहते पहचाना और उसे खत्म करने के लिए ठोस कदम उठाए।
वीडियो में बस संचालकों से उनका संवाद भी खासा प्रभावी दिखता है। नियमों को न सिर्फ स्पष्ट शब्दों में समझाया गया, बल्कि यह संदेश भी साफ तौर पर दिया गया कि जनसुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा। सख्ती और संवेदनशीलता का यही संतुलन उनकी प्रशासनिक पहचान बनता जा रहा है।
नए बस स्टैंड के संचालन को लेकर श्रीमती रिकू शर्मा की सोच दीर्घकालिक है। वे सिर्फ आज की भीड़ या मौजूदा दबाव नहीं देख रहीं, बल्कि भविष्य में बढ़ने वाले यातायात, यात्रियों की संख्या और शहर के विस्तार को ध्यान में रखकर व्यवस्था को मजबूत आधार दे रही हैं। इसी वजह से शुरुआती दिनों में स्वयं मौके पर मौजूद रहकर हर व्यवस्था को जांचा-परखा जा रहा है।
शहर में आम चर्चा है कि जब से आरटीओ श्रीमती रिकू शर्मा आई हैं, तब से यातायात व्यवस्था को लेकर एक नई गंभीरता और अनुशासन दिखाई देने लगा है। सामने आया यह वीडियो उसी भरोसे को और मजबूत करता है कि इटारसी की सड़कों पर अब अव्यवस्था नहीं, बल्कि नियम, सुरक्षा और सुव्यवस्थित संचालन को प्राथमिकता मिलेगी।







