सोहागपुर शोक में डूबा — केमिस्ट्री के गुरु श्री राजकुमार (आर.के.) गुर्जर की संदिग्ध मौत ने शिक्षा जगत को हिला दिया
सोहागपुर में केमिस्ट्री के प्रसिद्ध शिक्षक श्री राजकुमार (आर.के.) गुर्जर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत। शिक्षा जगत में शोक की लहर, जांच की मांग तेज।

संवाददाता राकेश पटेल इक्का
सोहागपुर (मध्य प्रदेश)।
सोहागपुर का शिक्षा जगत आज गहरे शोक में है। केमिस्ट्री विषय के प्रसिद्ध शिक्षक, विद्वान और विद्यार्थियों के प्रेरणास्रोत श्री राजकुमार गुर्जर (आर.के. गुर्जर) की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया है।
जानकारी के अनुसार, शुक्रवार सुबह करीब 7 बजे श्री राजकुमार गुर्जर सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल अवस्था में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सोहागपुर लाए गए, जहाँ डॉ. सोनाली ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
अस्पताल की रिपोर्ट पर पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच प्रारंभ कर दी है। पंचनामा की कार्रवाई जारी है और पुलिस आगे की विधिक प्रक्रिया में जुटी है।
विद्यार्थियों के ‘गुरुजी’ अब नहीं रहे
राजकुमार गुर्जर को उनके विद्यार्थी और परिचित “गुरुजी” कहकर संबोधित करते थे। वे शिक्षा को केवल पाठ्यक्रम नहीं, बल्कि जीवन की दिशा मानते थे।
उनकी सादगी, संयम और समर्पण ने उन्हें सोहागपुर के शिक्षा जगत का उज्ज्वल सितारा बना दिया था।
“गुरुजी हमेशा कहते थे — ‘रसायन सिर्फ सूत्र नहीं, सोचने का तरीका है।’ आज वही सोच सैकड़ों विद्यार्थियों के जीवन में रौशनी बनकर चमक रही है।”
— एक शिष्य की भावुक श्रद्धांजलि
जांच की मांग तेज, शिक्षा जगत में शोक की लहर
उनकी अचानक हुई मौत से पूरा सोहागपुर शहर और आसपास का शिक्षण समुदाय शोक में डूब गया है।
स्थानीय लोगों और विद्यार्थियों ने इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि यह दुर्घटना थी या इसके पीछे कोई और वजह।
शहर के स्कूलों और कोचिंग संस्थानों में शोक की लहर और सन्नाटा छाया हुआ है।
एक सच्चा शिक्षक कभी नहीं मरता
राजकुमार गुर्जर ने अपने ज्ञान, कर्म और सादगी से यह सिद्ध कर दिया कि एक सच्चा शिक्षक समाज की आत्मा होता है।
“एक सच्चा शिक्षक कभी नहीं मरता,
वह अपने विद्यार्थियों के ज्ञान में सदा जीवित रहता है।”
ईश्वर श्री राजकुमार (आर.के.) गुर्जर की आत्मा को शांति दे,
और उनके परिवार व विद्यार्थियों को यह अपूरणीय क्षति सहने की शक्ति प्रदान करे।







