एसडीएम प्रियंका भल्लावी ने गरीब परिवार को तुरंत पहुंचाई राहत
महीनों से अटकी मदद अब सही समय पर मिली, परिवार में खुशियों की लहर

संवाददाता राकेश पटेल इक्का
सोहागपुर। बंटी यादव के अचानक निधन के बाद उनके परिवार की तन्हाई और दुख ने पूरे घर को घेर लिया। हार्ट अटैक ने उनका जीवन छीन लिया, और पीछे केवल उनका परिवार और यादें बची। उनके परिवार के लिए शासन की संबल योजना के 5 हजार रुपये की मदद ही इस कठिन समय में एक छोटी सी राहत का नाम था।
लेकिन महीनों तक यह राशि घर तक पहुँच नहीं सकी। गरीब परिवार बार-बार नगर परिषद के चक्कर लगाता रहा, अपील करता रहा, पर फाइलें दफ्तरों में फंसी रहीं। हर बार निराशा ने उनके मन को और भारी कर दिया। मातम में डूबे परिवार की आवाज़ कहीं सुनाई नहीं दे रही थी।
फिर जब परिवार एसडीएम प्रियंका भल्लावी के पास पहुँचा, कहानी ने नया मोड़ लिया। उन्होंने पता लगाते ही मामले की गंभीरता को समझा और तुरंत सख्त निर्देश जारी किए। उनके सक्रिय हस्तक्षेप के बाद वह राशि, जो महीनों से अटकी थी, तुरंत मृतक की पत्नी को थमा दी गई।
इस छोटे से पैसों ने परिवार के चेहरे पर थोड़ी राहत और जीवन में उम्मीद की किरण जगाई। लोगों ने देखा कि जब अफसर जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ काम करते हैं, तो गरीब की मदद सिर्फ एक प्रक्रिया नहीं, बल्कि एक जीवनदायी सहारा बन जाती है।
इस घटना ने यह भी स्पष्ट किया कि गरीबों की मदद के लिए योजनाएँ हमेशा मौजूद हैं, लेकिन उन्हें सही समय पर और सही तरीके से लागू करना कितना महत्वपूर्ण है। एसडीएम प्रियंका भल्लावी की तत्परता ने दिखा दिया कि मानवता, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी से काम करने वाला अधिकारी समाज में कितनी उम्मीद पैदा कर सकता है।
यह सिर्फ एक परिवार की राहत की कहानी नहीं है, बल्कि पूरे समाज के लिए एक संदेश है कि जब प्रशासन संवेदनशील होता है, तो हर योजना जीवन में बदलाव ला सकती है और सबसे कमजोर की मदद कर सकती है।







