शिशु मंदिर गाडरवारा में महिलाओं का सप्तशक्ति संगम कार्यक्रम संपन्न
मातृशक्ति की भूमिका, संस्कार व संस्कृति पर सारगर्भित उद्बोधन

गाडरवारा। स्थानीय सरस्वती शिशु मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में सप्तशक्ति संगम कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि पूर्व विधायक श्रीमती साधना स्थापक रहीं, जबकि अध्यक्षता अधिवक्ता श्रीमती रीता कौरव ने की।
मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. सुनीता गुप्ता, श्रीमती बसंती पालीवाल, और विशिष्ट अतिथि श्रीमती ममता सिंह एवं श्रीमती मीना मौलासरिया उपस्थित थीं।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मातृशक्ति शामिल हुई, जिनमें प्रमुख रूप से—
श्रीमती पूजा तिवारी, श्रीमती आरती जोशी, श्रीमती शिरोमणि चौधरी, श्रीमती अंजू शुक्ला, मधु मालानी, सुधा पलोड, मीना देवी काबरा, सरोज मौलासरिया, प्राचार्या रंजना गुप्ता तथा संयोजिका संध्या कौरव शामिल रहीं।
मातृशक्ति है प्रथम गुरु – संगोष्ठी में व्यक्त विचार
संगोष्ठी में वक्ताओं ने कहा कि मां ही बालक की प्रथम गुरु होती है। जब हर युवा अपने परिवार, माता-पिता, पर्यावरण और देश के प्रति उत्तरदायी बनने का संकल्प लेगा, तभी यह सप्तशक्ति संगम अपने उद्देश्य में पूर्ण सफल माना जाएगा।
संस्कार, पर्यावरण और कुटुंब प्रबोधन पर जोर
मुख्य अतिथि श्रीमती साधना स्थापक, डॉ. सुनीता गुप्ता और बसंती पालीवाल ने अपने उद्बोधन में—
✔ भारतीय संस्कृति व कुटुंब प्रबोधन
✔ पर्यावरण संरक्षण
✔ परिवार संगठन
✔ मातृशक्ति की सशक्त भूमिका
✔ वैदिक परंपराओं और महापुरुषों के जीवन आदर्श
पर सारगर्भित विचार प्रस्तुत किए।
उन्होंने उपस्थित मातृशक्ति से आह्वान किया कि राष्ट्र की संस्कृति, लोकपरंपराओं और संस्कारों के संरक्षण-संवर्धन में सक्रिय भूमिका निभाएं।
कार्यक्रम आयोजन में सक्रिय सहयोग
कार्यक्रम के सफल आयोजन में—
विद्या भारती जिला संयोजिका स्नेहलता श्रीवास्तव, शाला परिवार, आचार्यों और समिति सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
कार्यक्रम की सर्वत्र सराहना की जा रही है।







