कॉमरेड ज्योति पटेल की स्मृति में संकल्प सभा: कुरीतियों के खिलाफ संघर्ष जारी रखने का आह्वान
किसान भवन निर्माण हेतु 1 लाख रुपये दान की घोषणा

संवाददाता अवधेश चौकसे
नरसिंहपुर। नरसिंहपुर जिले के ग्राम पचामा में प्रखर समाज सुधारक एवं पूर्व सरपंच कॉमरेड ज्योति पटेल की स्मृति में संकल्प सभा आयोजित की गई। सभा में हजारों की संख्या में महिला-पुरुषों ने भाग लेकर सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।
कॉमरेड ज्योति पटेल, जो पचामा ग्राम पंचायत की सरपंच रहीं, अपनी पहचान एक जनसंघर्षशील महिला नेता के रूप में रखती थीं। वे मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई-एम) से जुड़ी रहीं और जनवादी महिला समिति में जिला स्तर पर सक्रिय भूमिका निभाते हुए महिला अधिकारों की मुखर आवाज बनीं। कैंसर से लंबी लड़ाई के बाद 3 फरवरी को उनका निधन हो गया।
परिवार ने उनकी इच्छा के अनुरूप सामाजिक रूढ़ियों को तोड़ते हुए उनकी चिता को मुखाग्नि उनकी बेटी जागृति पटेल से दिलवाई तथा तेरहवीं जैसे पारंपरिक कर्मकांड न करने का निर्णय लेकर समाज में एक नई मिसाल पेश की।
बेटी जागृति ने मां को शब्द श्रद्धा सुमन अर्पित कर लिया संकल्प
स्मृति सभा में कॉमरेड ज्योति पटेल की बेटी जागृति पटेल ने भावुक शब्दों में अपनी मां को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि उनकी मां ने उन्हें केवल जन्म ही नहीं दिया, बल्कि अन्याय और कुरीतियों के खिलाफ लड़ने की ताकत भी दी।

जागृति ने मंच से संकल्प लिया कि वे अपनी मां के अधूरे सामाजिक अभियानों को आगे बढ़ाएंगी और महिलाओं के अधिकार, सामाजिक समानता तथा वैज्ञानिक सोच के लिए संघर्ष जारी रखेंगी। उनके संबोधन के दौरान सभा में उपस्थित लोग भावुक हो उठे और तालियों की गड़गड़ाहट से उनका समर्थन किया।
विभिन्न संगठनों के नेताओं ने दी श्रद्धांजलि
22 फरवरी को भावसिंह पटेल की अध्यक्षता में आयोजित सभा में जसविंदर सिंह (राज्य सचिव, सीपीआई-एम), बादल सरोज (संयुक्त सचिव, अखिल भारतीय किसान सभा), अखिलेश यादव (राज्य महासचिव, मध्यप्रदेश किसान सभा), प्रीति सिंह (राज्य महासचिव, जनवादी महिला समिति), उपेंद्र यादव, रामनारायण कुरारिया, रामजीत सिंह सहित अनेक नेताओं ने संबोधित किया। सभा का संचालन देवेंद्र वर्मा ने किया।
सामाजिक सुधार की परंपरा को आगे बढ़ाने का आह्वान
राज्य सचिव जसविंदर सिंह ने कहा कि सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ संघर्ष सदियों से चलता आया है। उन्होंने महात्मा बुद्ध, कबीर, गुरु नानक, ज्योतिराव फुले, सावित्रीबाई फुले और भीमराव अंबेडकर का उल्लेख करते हुए कहा कि 21वीं सदी में भी यह लड़ाई जारी है और ज्योति पटेल की स्मृति सभा उसी संघर्ष की कड़ी है।
स्वास्थ्य सुविधाओं पर सवाल
अखिल भारतीय किसान सभा के संयुक्त सचिव बादल सरोज ने कहा कि कैंसर जैसी बीमारियों से होने वाली मौतों को रोका जा सकता है यदि स्वास्थ्य सुविधाएं सुलभ और सस्ती हों। उन्होंने कहा कि यदि कॉरपोरेट घरानों की कुछ दिनों की कमाई सार्वजनिक स्वास्थ्य पर खर्च की जाए तो देश की हर तहसील में एमआरआई मशीन लगाई जा सकती है और समय पर जांच से अनेक जिंदगियां बचाई जा सकती हैं।
किसान भवन के लिए 1 लाख रुपये दान
सभा के अंत में कॉमरेड जगदीश पटेल ने सालीचौका में प्रस्तावित किसान भवन निर्माण के लिए 1 लाख रुपये देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि यह भवन आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक शोषण के खिलाफ रणनीति बनाने का केंद्र बनेगा।
अंत में दो मिनट का मौन रखकर कॉमरेड ज्योति पटेल को श्रद्धांजलि दी गई।







