सड़क बनी नाली, सप्लाई लाइन बनी खतरा, नगर परिषद शाहपुर की लापरवाही उजागर
फूटी पाइपलाइन में घुस रहा गंदा पानी, इंदौर जैसी त्रासदी की आशंका के बावजूद जिम्मेदार बेखबर

संवाददाता शैलेंद्र गुप्ता
शाहपुर। नगर परिषद की घोर लापरवाही अब सीधे लोगों के स्वास्थ्य पर हमला बनती जा रही है। सुभाष चंद्र बोस वार्ड क्रमांक 5 के बढ़ चौक के पास मुख्य जल-आपूर्ति पाइपलाइन विगत एक माह से फूटी पड़ी है। पाइपलाइन से बहता पानी सड़क को नाली में बदल चुका है, दोनों ओर जलभराव है और फिसलन के कारण रोज हादसों का खतरा बना हुआ है। लेकिन इससे भी अधिक भयावह सच यह है कि सड़क किनारे जमा गंदा पानी फटी पाइपलाइन के भीतर प्रवेश कर रहा है, और इसी लाइन से घरों तक पेयजल की आपूर्ति जारी है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि नलों से आने वाला पानी देखने में सामान्य हो सकता है, पर फूटी लाइन के कारण गंदे पानी का पाइप के भीतर जाना तय है। ऐसे में इस पानी के सेवन से बीमार होने का गंभीर खतरा मंडरा रहा है। उल्टी-दस्त, पेट दर्द, बुखार जैसी जलजनित बीमारियों की आशंका को लेकर लोग डरे हुए हैं। खासतौर पर बच्चे, बुजुर्ग और पहले से बीमार व्यक्ति सबसे अधिक जोखिम में हैं। इसके बावजूद नगर परिषद ने न तो आपूर्ति रोककर वैकल्पिक व्यवस्था की और न ही लाइन की तत्काल मरम्मत कराई।
चौंकाने वाली उदासीनता यह है कि हाल ही में इंदौर में दूषित पानी पीने से कई लोगों की मौत की घटनाओं ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया था। उस त्रासदी के बाद भी शाहपुर में जिम्मेदारों ने चेतावनी को अनसुना कर दिया। वार्डवासियों का आरोप है कि शिकायतें देने के बावजूद नगर परिषद अध्यक्ष और मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। न मरम्मत दल मौके पर पहुंचा, न सप्लाई लाइन की तकनीकी जांच कराया गया और न ही टैंकरों से सुरक्षित पानी उपलब्ध कराया गया। फूटी पाइपलाइन से जहां रोजाना हजारों लीटर शुद्ध पानी बर्बाद हो रहा है, वहीं जलभराव से मच्छरों का प्रकोप बढ़ने का खतरा भी पैदा हो गया है। डेंगू-मलेरिया जैसी बीमारियों की आशंका के बीच सड़क पर फैलता पानी दुर्घटनाओं को भी न्योता दे रहा है। यह स्थिति अब तकनीकी खराबी नहीं, बल्कि प्रशासनिक विफलता का प्रतीक बन चुकी है।
जनता सवाल कर रही है ,जब पेयजल की शुद्धता पर सीधा खतरा है, तो नगर परिषद अध्यक्ष और सीएमओ किस हादसे का इंतजार कर रहे हैं? यदि इस लापरवाही के चलते कोई बीमार पड़ता है या जनहानि होती है, तो इसकी सीधी जिम्मेदारी नगर परिषद के शीर्ष अधिकारियों पर तय होनी चाहिए। नागरिकों ने मांग की है कि तत्काल मरम्मत, लाइन की फ्लशिंग व शुद्धिकरण, आपात वैकल्पिक जल-आपूर्ति, और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए,ताकि शाहपुर में इंदौर जैसी त्रासदी दोहराई न जाए।







